गुजरात में बारिश बनी आफत, 43 इंच बरसात से बाढ़ जैसे हालात, 1200 लोगों को सुरक्षित निकाला

गुजरात में बारिश बनी आफत, 43 इंच बरसात से बाढ़ जैसे हालात, 1200 लोगों को सुरक्षित निकाला

प्रेषित समय :19:07:18 PM / Thu, Jul 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अहमदाबाद. गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने दक्षिण गुजरात के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. वलसाड जिले के उमरगाम में महज 28 घंटे के भीतर करीब 43 इंच बारिश दर्ज होने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए. कई इलाकों में पानी भर जाने के बाद राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है. अब तक उमरगाम से लगभग 1,200 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि सूरत, नवसारी और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं.

राज्य के राहत आयुक्त गौरव मकवाणा ने बताया कि उमरगाम में अत्यधिक वर्षा के कारण कई रिहायशी क्षेत्रों में पानी भर गया था. इसके बाद बड़े स्तर पर राहत अभियान चलाकर करीब 1,200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. उमरगाम के अलावा कपराडा और वापी में भी भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ.

सूरत शहर में जलभराव की स्थिति को देखते हुए करीब 1,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया. वहीं नवसारी जिले में कावेरी नदी में आई बाढ़ के कारण 11 गांवों में फंसे लगभग 200 लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया. अधिकारियों के अनुसार अब तक बारिश से जुड़ी एक मौत तापी जिले में डूबने के कारण दर्ज की गई है.

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने सूरत, वलसाड, नवसारी और तापी जिलों के कलेक्टरों से बातचीत कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए. राज्य सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री से चर्चा कर केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है.

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने वलसाड में सेना की 70 सदस्यीय टीम, पांच नावें और अग्निशमन विभाग की 25 सदस्यीय टीम तैनात की है. इसके अलावा नई दिल्ली से एनडीआरएफ की दो अतिरिक्त टीमें भी भेजी गई हैं. अधिकारियों ने बताया कि सूरत में पहले से तीन एनडीआरएफ और पांच एसडीआरएफ टीमें तैनात हैं, जबकि वलसाड में दो एनडीआरएफ और चार एसडीआरएफ टीमें राहत कार्यों में लगी हुई हैं. एक अतिरिक्त एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम भी वहां भेजी जा रही है. नवसारी में भी एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत अभियान चला रही हैं. आवश्यकता पड़ने पर वायुसेना और तटरक्षक बल को भी अलर्ट पर रखा गया है.

लगातार बारिश का असर अहमदाबाद में भी देखने को मिला. खराब मौसम और भारी जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार अहमदाबाद जिले के कई क्षेत्रों में भी भारी वर्षा दर्ज की गई.

बारिश के कारण राज्यभर में सड़क और परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है. अधिकारियों के अनुसार 300 से अधिक पंचायत मार्गों पर पानी भर जाने के कारण आवागमन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. वहीं गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) की 200 से अधिक बस सेवाएं भी फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं.

मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात के कई जिलों में अभी और भारी बारिश की संभावना जताई है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है. राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी तैनात किए जा रहे हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-