नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को सख्त चेतावनी दी. शुक्रवार को कोर्ट ने कहा कि पेपर लीक की एक के बाद एक गलतियों को अब तुरंत रोकना होगा. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अलोक अराधे की बेंच ने कहा कि हम इस मामले पर बहुत ध्यान से नजर रखेंगे और नियमित रूप से फॉलो-अप करेंगे.
कोर्ट ने कहा, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सारी व्यवस्था मजबूत और इंस्टीट्यूशनलाइज्ड हो जाए. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा (ऑनलाइन मोड) में पूरी तरह कैसे जाएंगे और डाटा की सुरक्षा कैसे करेंगे?
सरकार समस्या हल करने के लिए 10 कदम आगे बढ़ रही है- एसजी
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को हल करने के लिए 10 कदम आगे बढ़ रही है. उन्होंने कोर्ट से कुछ और समय मांगा जिससे पूरी स्थिति पर विस्तार से रिपोर्ट पेश की जा सके. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को तय की है. तुषार ने कहा कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू किया जा रहा है और कंप्यूटर-आधारित परीक्षाओं, डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी एक हलफनामे में दी जाएगी. कोर्ट ने पूछा कि क्या हृश्वश्वञ्ज को पूरी तरह से कंप्यूटर-आधारित बनाया जा सकता है और डेटा सुरक्षा व साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी मांगी. अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी.
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