जबलपुर. शहर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल परिसर स्थित एआरटी सेंटर में शुक्रवार 24 जुलाई की सुबह शार्ट सर्किट से अचानक आग भड़क उठी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई. बिजली उपकरणों से निकली आग की चिंगारियां कर्मचारियों पर गिरीं लेकिन वे अपनी जान बचाकर सुरक्षित बाहर निकल आए.
एचआईवी जांच के लिए पंजीयन कराने पहुंचीं गर्भवती महिलाओं ने भी घबराकर बाहर भागकर अपनी जान बचाई. दूसरे विभाग से अग्निशमन यंत्र लाकर कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया और दमकल को सूचना दी गई. समय रहते आग पर काबू पा लिया गया जिससे बड़ा नुकसान टल गया. इस सेंटर में प्रतिदिन विभिन्न जिलों से 150 से अधिक एचआईवी मरीज उपचार और दवा लेने पहुंचते हैं.
घटना के बाद कर्मचारियों दिलीप पटेल, आशीष मिश्रा, मीराबाई, गार्ड कुलदीप और सेंटर प्रभारी वाणी अहलूवालिया ने भवन की बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए. जर्जर भवन की दीवारों में भारी सीलन और नमी के कारण पहले भी कई बार कर्मचारियों को करंट के झटके लग चुके हैं. इसी भवन में प्रदेश के करीब 22 जिलों के एचआईवी मरीजों के लिए करोड़ों रुपये की जीवनरक्षक दवाओं का भंडार रखा है और लाखों रुपये कीमत की मशीनें टपकती छतों के नीचे रखी हैं. डीन डा. नवनीत सक्सेना ने कहा कि इस घटना को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाए जा रहे हैं और स्टाफ व मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पृथक भवन के लिए उच्च अधिकारियों से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा.
करंट और सीलन से सेंटर में बढ़ा खतरा
जबलपुर मेडिकल कालेज के जर्जर एआरटी सेंटर भवन में सीलन और नमी के कारण सफाई करते समय कर्मचारियों को पहले भी करंट के झटके लग चुके हैं. कुछ दिन पूर्व सेंटर प्रभारी वाणी अहलूवालिया के कक्ष का एग्जास्ट फैन भी शार्ट सर्किट के कारण जल चुका है. इस खतरनाक और बदहाल स्थिति के कारण वहां काम करने वाले कर्मचारियों और इलाज के लिए आने वाले मरीजों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है.
सेंटर के जर्जर भवन में करोड़ों की दवाएं और मशीनें खतरे में
सेंटर के इसी जर्जर भवन में प्रदेश के करीब 22 जिलों के एचआईवी मरीजों के लिए रखी करोड़ों रुपये की जीवनरक्षक दवाएं और लाखों रुपये कीमत की अत्याधुनिक मशीनें लगातार खतरे में हैं. कई कमरों की छतें टपकती हैं जिससे महत्वपूर्ण दस्तावेजों और महंगे चिकित्सा उपकरणों के खराब होने का बड़ा खतरा हमेशा बना रहता है. इस गंभीर समस्या को लेकर कर्मचारियों ने तत्काल सुरक्षित भवन में सेंटर की शिफ्टिंग की मांग उठाई है.

