इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े एक कथित धोखाधड़ी मामले में क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रियलिटी यूनाइटेड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर अनीता गेहलोत को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि कंपनी ने शासन के पास बंधक रखे गए एक प्लॉट को पूरी तरह विवादमुक्त और बिक्री योग्य बताकर महिला खरीदार से 18.75 लाख रुपये वसूल लिए. मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच की गई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू की.
क्राइम ब्रांच के अनुसार फरियादिया वनिता डांगी के साथ ऑर्किड पार्क कॉलोनी स्थित प्लॉट नंबर जे-16 के विक्रय का अनुबंध किया गया था. आरोप है कि कंपनी और उसके जिम्मेदार पदाधिकारियों ने प्लॉट को पूरी तरह वैध और किसी भी प्रकार के बंधन से मुक्त बताते हुए सौदा किया तथा इसके एवज में 18.75 लाख रुपये प्राप्त कर लिए. बाद में जानकारी मिली कि संबंधित प्लॉट कॉलोनी की विकास अनुमति के लिए पहले से ही शासन के पास बंधक रखा गया था और उसकी स्वतंत्र बिक्री संभव नहीं थी.
जांच में यह भी सामने आया कि खरीदार को प्लॉट की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं दी गई. पुलिस का आरोप है कि प्लॉट के बंधक होने का तथ्य छिपाकर उसे 'फ्री' प्लॉट के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे खरीदार को आर्थिक नुकसान हुआ. शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने पूरे मामले की जांच की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद संबंधित आरोपितों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया.
एडिशनल डीसीपी (क्राइम) राजेश दंडोतिया के अनुसार जांच के बाद गुरुवार को अनीता पति तेजराम गेहलोत को गिरफ्तार कर लिया गया. वह शाहपुरा क्षेत्र की निवासी है और रियलिटी यूनाइटेड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत है. पुलिस के अनुसार वह प्लेटिनम पैराडाइज, बायपास क्षेत्र में भी निवास करती है. गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सके.
क्राइम ब्रांच का कहना है कि मामले में कंपनी से जुड़े अन्य आरोपितों की भी तलाश की जा रही है. जांच के दौरान दस्तावेजों, अनुबंध और कॉलोनी से संबंधित रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या इसी प्रकार अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की गई है या नहीं.
पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्लॉट या संपत्ति की खरीद से पहले उसके स्वामित्व, बंधक स्थिति, विकास अनुमति और संबंधित दस्तावेजों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन अवश्य करें. यदि किसी संपत्ति के संबंध में संदेह हो तो संबंधित विभाग से जानकारी प्राप्त करने के बाद ही लेनदेन करें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

