हैदराबादी घोड़ों के लिए जबलपुर में डेयरी को बनाया अस्तबल, हाईकोर्ट सख्त, पूछा घोड़े किसे और कब बेचे

हैदराबादी घोड़ों के लिए जबलपुर में डेयरी को बनाया अस्तबल, हाईकोर्ट सख्त, पूछा घोड़े किसे और कब बेचे

प्रेषित समय :13:12:26 PM / Sat, Jul 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. हैदराबाद से जबलपुर लाए गए घोड़ों की मौत के मामले में हाईकोर्ट में फिर सुनवाई हुई है. इससे पहले याचिकाकर्ता द्वारा मांग की गई थी कि जिस फार्म हाउस में घोड़ों को रखा गया है, वहां के निरीक्षण की अनुमति दी जाए. जिसके बाद कोर्ट ने जबलपुर के पशु अधिकारी व थाना प्रभारी के साथ फार्म हाउस जाकर याचिकाकर्ता को जांच करने की अनुमति प्रदान की थी. इस निरीक्षण के बाद शुक्रवार 24 जुलाई को मामले की फिर सुनवाई हुई जहां, जांच के बाद नए तथ्य पेश किए गए.

याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई. इस रिपोर्ट में बताया गया कि तीन पशु चिकित्सक के साथ याचिकाकर्ता द्वारा फार्म हाउस का निरीक्षण किया गया और फार्म हाउस में डेयरी संचालन होना पाया गया. याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि उन्होंने फार्म हाउस निरीक्षण के लिए पनागर थाना प्रभारी से संपर्क किया था. थाना प्रभारी ने महाधिवक्ता कार्यालय से निर्देश नहीं प्राप्त होने की जानकारी दी थी. ऐसे में उनके बिना ही फार्म हाउस का निरीक्षण करते हुए जांच रिपोर्ट पेश की गई है.

मौत के आंकड़े छिपाने घोड़े भेजे गए जबलपुर?

जबलपुर निवासी पशु प्रेमी सिमरन इस्सर ने हाईकोर्ट में ये याचिका दायर की थी. याचिका में बताया गया कि 2025 में जबलपुर के सचिन तिवारी 57 घोड़ों को हैदराबाद से लाकर पनागर के रैपुरा में रखे हुए थे. इसकी जानकारी न तो स्थानीय प्रशासन को दी गई थी और ना ही पशुपालन विभाग को. उन पर घोड़ों की देखभाल में लापरवाही के भी आरोप लगे और कहा गया कि इसी वजह से 19 घोड़ों की मौत हो गई थी. याचिका में ये भी बताया गया था कि घोड़ों के मालिक हैदराबाद निवासी सुरेश पाल रहे हैं, जिनके पास 150 से अधिक घोड़े थे और उन्होंने चार माह पूर्व कर्मचारियों की सैलरी रोक दी थी. ऐसे में भोजन नहीं मिलने के कारण लगभग 90 घोड़ों की मौत हो गई थी और साक्ष्य छिपाने के लिए नियम विरुद्ध तरीके से 29 अप्रैल से 3 मई 2025 के बीच 57 घोड़े जबलपुर भेज दिए गए थे, जिनमें से 19 और घोड़ों की मौत हो गई थी.

बाकी घोड़े किसे और कब बेचे जानकारी दें : हाईकोर्ट

इससे पहले हुई सुनवाई में जबलपुर में घोड़ों के केयरटेकर सचिन तिवारी ने कोर्ट के सामने अपना पक्षा रखा था. सचिन ने बताया कि वह हैदराबाद से लाए गए 57 घोड़ों का केयर टेकर है, जिसमें से 19 की मौत हो गई है. इसके बाद 38 घोड़े बचे थे, जिनमें से बाकी बचे 22 घोड़े बेच दिए हैं और तीन नए घोड़े खरीदे हैं. ऐसे में वर्तमान में उसके पास कुल 19 घोड़े हैं, जिनकी खुराक व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. जिसपर कोर्ट ने कहा है कि केयरटेकर ये बताएं कि बाकी बचे घोड़े किसे और कब बेचे हैं. इस संबंध में पूरी जानकारी कोर्ट में प्रस्तुत की जाए. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसल्वा व अधिवक्ता सुरेश अवस्थी उपस्थित हुए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-