पंजाब: अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का खुलासा, 1160 करोड़ की खेप बरामद, विदेश में पंजाबी मूल के 13 आरोपी गिरफ्तार

पंजाब: अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का खुलासा, 1160 करोड़ की खेप बरामद, विदेश में पंजाबी मूल के 13 आरोपी गिरफ्तार

प्रेषित समय :18:43:21 PM / Sat, Jul 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जालंधर. कनाडा और अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान प्रोजेक्ट के तहत अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में करीब 1.7 टन अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत 1160 करोड़ रुपये से अधिक है. मामले में 13 पंजाबी मूल के लोगों सहित कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

जांच एजेंसियों के मुताबिक इस गिरोह ने कमर्शियल ट्रकिंग क्षेत्र में एक ब्रोकर-स्टाइल नेटवर्क बनाया था. आरोपी वैध लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन का दुरुपयोग करते थे. वे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कोकीन और अन्य प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी करते थे. जांच जनवरी 2025 में विंडसर पुलिस सर्विस ने शुरू की थी.

फरवरी 2025 में कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी भी इसमें शामिल हो गई. बाद में अमेरिका की होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस और ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन ने खुफिया जानकारी साझा की. टोरंटो पुलिस और पील रीजनल पुलिस ने जमीनी स्तर पर कार्रवाई की. 14 जुलाई को मार्खम और कैलेडन में तथा 20 जुलाई को ब्रैम्पटन में छापेमारी कर ड्रग्स और सबूत बरामद किए गए.

पुलिस ने 21 में से 20 आरोपियों की पहचान सार्वजनिक की है, जिनमें गगनदीप थिंदल, सिमरनजीत सिंह और कंवरपाल कुलार जैसे नाम शामिल हैं. यह गिरोह कनाडा और अमेरिका के बीच संगठित तरीके से मादक पदार्थों की तस्करी करता था. वे वैध व्यापारिक माल की आड़ में ड्रग्स सीमा पार कराते थे. जांच एजेंसियों ने इसे एक बेहद संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बताया है. मामले की जांच जारी है और एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं.

युवाओं के लिए चेतावनी

कनाडा के चिंतक जोगिंदर सिंह ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि पंजाब के कई युवा कनाडा में ड्रग तस्करी नेटवर्क के जाल में फंस रहे हैं. कमर्शियल ट्रकिंग क्षेत्र में कार्यरत युवाओं को लालच या दबाव के जरिये इस्तेमाल किया जाता है. स्टूडेंट वीजा पर आए युवाओं पर आर्थिक बोझ भी उन्हें गलत रास्ते पर धकेलता है. कनाडा और अमेरिका में कानून सख्त हैं, और दोष सिद्ध होने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-