तिलक वर्मा ने रचा नया इतिहास, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धोनी और रैना को पीछे छोड़ बने भारत के सातवें सबसे सफल बल्लेबाज

तिलक वर्मा ने रचा नया इतिहास, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धोनी और रैना को पीछे छोड़ बने भारत के सातवें सबसे सफल बल्लेबाज

प्रेषित समय :21:49:01 PM / Sat, Jul 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

हरारे. भारतीय क्रिकेट टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलते हुए उन्होंने भारत के महान क्रिकेटरों महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना को पीछे छोड़ दिया. इस प्रदर्शन के साथ तिलक वर्मा भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाले सातवें बल्लेबाज बन गए हैं. उनकी यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट में उनके लगातार बढ़ते प्रभाव और सीमित ओवरों के प्रारूप में उनकी स्थिरता का प्रमाण मानी जा रही है.

हरारे में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में तिलक वर्मा ने केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए. उनकी पारी में पांच चौके और तीन शानदार छक्के शामिल रहे. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 206.90 का रहा, जिसने भारतीय पारी को तेज गति प्रदान की. उनकी इस आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया.

इस पारी के साथ तिलक वर्मा के टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर के रन 58 मैचों की 55 पारियों में बढ़कर 1,634 हो गए हैं. उन्होंने अब तक 44.16 की औसत और 145.37 के प्रभावशाली स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. उनके नाम दो शतक और नौ अर्धशतक दर्ज हैं, जबकि नाबाद 120 रन उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है. इन आंकड़ों के साथ उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी के 1,617 और सुरेश रैना के 1,605 टी20 अंतरराष्ट्रीय रनों को पीछे छोड़ दिया है. इसके अलावा उन्होंने अपने साथी खिलाड़ी ईशान किशन को भी इस सूची में पीछे छोड़ते हुए सातवां स्थान हासिल किया.

भारतीय क्रिकेट के टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में फिलहाल रोहित शर्मा शीर्ष पर हैं. उनके नाम 159 मैचों में 4,231 रन दर्ज हैं. दूसरे स्थान पर विराट कोहली हैं, जिन्होंने 125 मुकाबलों में 4,188 रन बनाए हैं. तीसरे स्थान पर सूर्यकुमार यादव हैं, जिनके खाते में 113 मैचों में 3,272 रन हैं. तिलक वर्मा का इस सूची में तेजी से ऊपर पहुंचना यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय टीम के प्रमुख बल्लेबाजों में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं.

वर्ष 2026 तिलक वर्मा के लिए मिश्रित परिणामों वाला रहा है, लेकिन उन्होंने लगातार उपयोगी पारियां खेलकर अपनी अहमियत साबित की है. इस साल उन्होंने 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 451 रन बनाए हैं. उनका औसत 34.69 और स्ट्राइक रेट लगभग 149 रहा है. इस दौरान उन्होंने तीन अर्धशतक लगाए हैं और जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई नाबाद 60 रन की पारी इस वर्ष का उनका सर्वोच्च स्कोर बन गई है.

यदि मुकाबले की बात करें तो जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के अनुरूप नहीं रही और अभिषेक शर्मा आठ रन बनाकर आउट हो गए. युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने नौ गेंदों में 20 रन की तेज पारी खेली, लेकिन वह भी अधिक देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके. शुरुआती झटकों के बाद ईशान किशन ने पारी को संभाला और कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ 66 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की. श्रेयस ने 20 गेंदों में 25 रन बनाए, जिसमें चार चौके शामिल थे.

इसके बाद ईशान किशन और तिलक वर्मा ने मिलकर भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया. दोनों बल्लेबाजों के बीच 94 रनों की शानदार साझेदारी हुई. ईशान किशन ने 44 गेंदों में 81 रन बनाए. उनकी पारी में नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे. दूसरी ओर तिलक वर्मा ने अंत तक नाबाद रहते हुए तेजी से रन जुटाए और भारत को 200 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने जिम्बाब्वे के गेंदबाज पूरे मैच में संघर्ष करते नजर आए.

जिम्बाब्वे की ओर से ब्लेसिंग मुजरबानी ने चार ओवर में 36 रन देकर एक विकेट हासिल किया, जबकि न्यूमैन न्यामहुरी ने तीन ओवर में 25 रन देकर एक सफलता प्राप्त की. हालांकि भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी के कारण मेजबान टीम के गेंदबाज दबाव में दिखाई दिए और रनगति पर अंकुश लगाने में सफल नहीं हो सके.

तिलक वर्मा ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम के लिए लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है. मध्यक्रम में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, दबाव की परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाने की क्षमता और तेज रन बनाने की शैली ने उन्हें टीम प्रबंधन का भरोसेमंद खिलाड़ी बना दिया है. उपकप्तान की जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उन्होंने अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखी है.

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिस गति से तिलक वर्मा रन बना रहे हैं, उसे देखते हुए वह भविष्य में भारत के सर्वश्रेष्ठ टी20 बल्लेबाजों की सूची में और ऊपर पहुंच सकते हैं. उनकी उम्र, तकनीक और आक्रामक बल्लेबाजी शैली भारतीय टीम के लिए लंबे समय तक उपयोगी साबित हो सकती है. जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई यह पारी केवल टीम की जीत में योगदान देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारतीय टी20 क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी तिलक वर्मा के नाम एक नई उपलब्धि दर्ज करा गई.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-