रायपुर. राजधानी के रायपुर रेलवे स्टेशन को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में रेलवे ने नई पहल शुरू की है. स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म पर जल्द ही आधुनिक प्लास्टिक बॉटल क्रश मशीनें लगाई जाएंगी. इन मशीनों के जरिए यात्रियों द्वारा इस्तेमाल के बाद फेंकी जाने वाली प्लास्टिक बोतलों को मौके पर ही क्रश कर रीसाइकलिंग के लिए भेजा जाएगा.
रायपुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 70 हजार यात्री यात्रा करते हैं. इस दौरान रोजाना 2,000 से अधिक प्लास्टिक की खाली बोतलें कचरे के रूप में निकलती हैं. अभी अधिकांश यात्री इन बोतलों को प्लेटफॉर्म या रेलवे ट्रैक पर फेंक देते हैं, जिससे गंदगी फैलती है और सफाई व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है.
ऐसे करेगी काम प्लास्टिक क्रश मशीन
यात्री अपनी खाली प्लास्टिक बोतल मशीन के स्लॉट में डालेंगे.
मशीन तुरंत बोतल को क्रश कर उसका आकार छोटा कर देगी.
क्रश किया गया प्लास्टिक मशीन के अंदर बने कंटेनर में सुरक्षित जमा होगा.
कंटेनर भरने पर प्लास्टिक को अधिकृत रीसाइकलिंग एजेंसी को भेजा जाएगा, जहां उसका दोबारा उपयोग किया जाएगा.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से स्टेशन परिसर अधिक स्वच्छ रहेगा, प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. साथ ही सफाई कर्मचारियों के कार्यभार में भी कमी आएगी.
रायपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) डॉ. सुष्कर विपुल विलासराव ने बताया कि सभी प्लेटफॉर्म पर प्लास्टिक क्रश मशीनें स्थापित की जाएंगी, जिससे प्लास्टिक कचरे की रीसाइकलिंग सुनिश्चित होगी और रेलवे का ग्रीन रेलवे अभियान और अधिक प्रभावी बनेगा.
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