परंपरा से फाइन डाइनिंग तक- स्वाद का एहसास, 'द असम ब्लिस' ने असम के स्वाद को दिया नया आयाम!

परंपरा से फाइन डाइनिंग तक- स्वाद का एहसास,

प्रेषित समय :21:08:10 PM / Tue, Jul 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

* शेफ अन्वेष महापात्र, फूड क्रिटिक, फूड राइटर, फूड प्रमोटर 
भारत देश विविधताओं से परिपूर्ण देश है जहां मौसम से लेकर परिधान और खाद्य सामग्री से लेकर वातावरण में काफी परिवर्तन नजर आता है.  देश के लोग अन्य क्षेत्र की न केवल यात्राएं करते हैं बल्कि उन क्षेत्रों की विशेषताओं को भी देखते हैं और अन्य क्षेत्रों की खाद्य सामग्री और भोजन विशेषताएं भी उन्हें आकर्षित करती हैं.  देश के कई क्षेत्रों में उपयोग में आने वाली विशिष्ट सामग्री अब भारत के हर क्षेत्र तक पहुंच चुकी है इन परिस्थितियों के बीच असम की विशिष्टतायुक्त द असम ब्लिस प्रस्तुत है. 

इसके लेखक शेफ अन्वेष महापात्र, फूड क्रिटिक व फूड राइटर है और 150 से अधिक व्यंजनों (रेसिपी) का सृजन एवं विकास कर चुके हैं. इनकी 4 कुकबुक प्रकाशित हुई है और पाक-कला(क्यूलिनरी) के क्षेत्र में 11 से अधिक वर्षों का अनुभव है. लेखक वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ शेफ्स सोसाइटीज़ के सदस्य है और द असम ब्लिस व्यंजन के प्रस्तुतकर्ता है. 

भारतीय व्यंजनों की दुनिया तेजी से बदल रही है. पारंपरिक क्षेत्रीय व्यंजनों को आधुनिक पाक कला के साथ नए अंदाज़ में प्रस्तुत किया जा रहा है. इसी बदलाव की मिसाल पेश कर रहे हैं शेफ अन्वेश, जिनकी अनूठी फाइन डाइनिंग डिश "द असम ब्लिस" आज हर खाने के शौकीन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है. यह डिश असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक स्वादों को आधुनिक प्रस्तुति के साथ दुनिया के सामने लाने का एक अनूठा प्रयास है.

"द असम ब्लिस" केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि असम की संस्कृति, कृषि परंपराओं और स्थानीय सामग्री की जीवंत कहानी है. इस प्लेट का हर तत्व अपनी अलग पहचान रखता है और पूर्वोत्तर भारत की खूबसूरती को आधुनिक फाइन डाइनिंग के माध्यम से प्रस्तुत करता है. इस डिश में पारंपरिक स्वादों से कोई समझौता किए बिना उन्हें आधुनिक तकनीकों से नया रूप दिया है, जो उनकी रचनात्मक सोच और पाक-कला की उत्कृष्टता को दर्शाता है.

इस विशेष डिश का मुख्य आकर्षण है 'तिल दिया पनीर प्यूरी', जो असम के पारंपरिक तिल दिया व्यंजन की आधुनिक व्याख्या है. भुने हुए सफेद और काले तिल से तैयार यह मुलायम और क्रीमी प्यूरी पारंपरिक स्वाद को बरकरार रखते हुए फाइन डाइनिंग का शानदार अनुभव प्रदान करती है.

डिश में आकर्षण का नया आयाम जोड़ता है बीटरूट और लेम्बू टेंगा रिडक्शन में पोच किया हुआ नाशपाती. असम के प्रसिद्ध लेम्बू टेंगा की हल्की खटास, चुकंदर की मिठास और नाशपाती की कोमलता मिलकर ऐसा स्वाद रचती है, जो हर निवाले को यादगार बना देता है. इसकी रंगीन और आकर्षक प्रस्तुति इसे देखने में भी उतना ही शानदार बनाती है, जितना खाने में.
स्वाद के साथ-साथ इसकी बनावट भी लोगों को प्रभावित करती है. आलू पिटिका सॉयल को मक्खन और सरसों के तेल के साथ कुरकुरे रूप में तैयार किया गया है, जिसमें दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक भूत जोलोकिया का हल्का स्पर्श दिया गया है. वहीं डिहाइड्रेटेड बैंगन भजा इस डिश में स्मोकी फ्लेवर और बेहतरीन क्रंच जोड़ता है. अंत में भूत जोलोकिया युक्त सरसों के तेल की कुछ बूंदें पूरे स्वाद को एक अलग ही ऊंचाई तक पहुंचा देती हैं.

इस व्यंजन की सबसे बड़ी खासियत इसकी कलात्मक प्रस्तुति है. लगभग 10 सेंटीमीटर के सर्पिल आकार में सजाई गई यह प्लेट असम की कृषि परंपराओं और प्रकृति के चक्र का प्रतीक है. हर सामग्री को इस तरह सजाया गया है कि भोजन करने वाला व्यक्ति स्वाद, बनावट और सुगंध की एक नई यात्रा का अनुभव कर सके.

इस डिश को "उस धरती के नाम मेरा प्रेम पत्र, जहां ब्रह्मपुत्र हिमालय से मिलती है" बताया हैं. उनके अनुसार यह व्यंजन केवल स्वाद नहीं, बल्कि असम की संस्कृति, लोगों, परंपराओं और प्राकृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम है.

आज जब भारतीय फाइन डाइनिंग वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है, तब "द असम ब्लिस" यह साबित करती है कि क्षेत्रीय व्यंजनों को उनकी आत्मा और मौलिकता को बनाए रखते हुए आधुनिक रूप दिया जा सकता है. लेखक ने केवल एक नई डिश तैयार नहीं की है, बल्कि असम की विरासत को स्वाद, कला और नवाचार के माध्यम से दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक प्रेरणादायक प्रयास किया है.

कुल मिलाकर यह हमारे देश के विभिन्न क्षेत्रों की स्थानीय विशेषताओं और स्थानीय खाद्य सामग्री के बारे में विशिष्ट सूचना है.  जिसके माध्यम से देश के अन्य हिस्सों के लोग अलग-अलग क्षेत्र की स्थानीय खाद्य विशेषताओं व  सामग्री से रूबरू हो सके तथा उसका स्वाद भी ले सके.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-