जेपीएससी के खिलाफ छात्रों का उग्र आंदोलन तेज, बारिश में रांची की सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी

जेपीएससी के खिलाफ छात्रों का उग्र आंदोलन तेज, बारिश में रांची की सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी

प्रेषित समय :18:21:28 PM / Wed, Jul 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन बुधवार को और तेज हो गया. तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची की सड़कों पर उतर आए और सरकार तथा आयोगों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ आंदोलन अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की. छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रियाओं में लंबे समय से कथित गड़बड़ियां और अपारदर्शिता बनी हुई है. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षाओं और परिणामों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, लेकिन सरकार और संबंधित आयोग उनकी शिकायतों का संतोषजनक समाधान नहीं कर पाए हैं. इसी कारण वे निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.

आंदोलन में शामिल छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे संवाद की मांग करते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई और कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए. छात्रों का कहना था कि यह आंदोलन उनके अधिकारों और रोजगार के भविष्य की लड़ाई है.

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया और इसके बाद राष्ट्रगान गाकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया. आंदोलनकारियों ने कहा कि वे संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं. छात्रों ने यह भी दोहराया कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और किसी भी राजनीतिक दल को इसका लाभ उठाने या इसे अपने पक्ष में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

इस बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) द्वारा आंदोलन को समर्थन दिए जाने के बाद कुछ छात्रों ने राजनीतिक हस्तक्षेप पर नाराजगी भी जताई. जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो के आंदोलन स्थल पर पहुंचने के दौरान कुछ छात्रों ने विरोध दर्ज कराते हुए स्पष्ट कहा कि यह केवल अभ्यर्थियों का आंदोलन है और इसे राजनीतिक मंच नहीं बनने दिया जाएगा. प्रदर्शनकारियों ने सभी राजनीतिक दलों से आंदोलन से दूरी बनाए रखने की अपील की.

आंदोलन में शामिल कई छात्र हजारीबाग समेत अन्य जिलों से रांची पहुंचे. छात्रों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर उनकी बसों को रोका गया, जिसके बाद अनेक अभ्यर्थी ट्रेन से राजधानी पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए. आंदोलन के दौरान छात्रों ने 'शर्म का गुलदस्ता' भेंट करने और तवा पीटकर विरोध दर्ज कराने जैसे प्रतीकात्मक तरीके भी अपनाए. कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध वाले पोस्टर भी दिखाई दिए.

अभ्यर्थियों ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जल्दबाजी में परिणाम जारी किया गया और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई. छात्रों ने मांग की कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. साथ ही भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रणाली लागू करने, सख्त कानून बनाने और कथित भर्ती घोटालों की स्वतंत्र एजेंसियों से जांच कराने की मांग भी दोहराई.

तेज बारिश के बावजूद आंदोलनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. फिलहाल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जबकि सरकार की ओर से आंदोलन को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-