नई दिल्ली। गूगल ने भारतीय बाजार में अपने नए पर्सनल एआई एजेंट Gemini Spark को लॉन्च करने की घोषणा कर दी है। कंपनी का दावा है कि यह अत्याधुनिक एआई एजेंट यूजर की ओर से बैकग्राउंड में लगातार काम कर सकता है। यानी यदि यूजर सो रहा हो, फोन लॉक हो या लैपटॉप बंद हो, तब भी यह तय किए गए कार्यों को पूरा करने में सक्षम होगा। फिलहाल यह सुविधा आने वाले कुछ सप्ताह में Google AI Pro और Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
गूगल ने पहली बार इस एआई एजेंट को मई 2026 में आयोजित अपने वार्षिक Google I/O सम्मेलन के दौरान पेश किया था। अब कंपनी ने भारत में इसके रोलआउट की घोषणा करते हुए बताया है कि नया Gemini Spark, Gemini 3.6 Flash मॉडल पर आधारित है, जो पहले प्रदर्शित संस्करण की तुलना में अधिक उन्नत क्षमताओं के साथ आता है। कंपनी के अनुसार यह एजेंट Google Workspace के विभिन्न प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम करेगा और यूजर्स के कई नियमित डिजिटल कार्यों को स्वतः पूरा करेगा।
Gemini Spark को Gmail, Google Docs, Google Sheets सहित Google Workspace के अन्य टूल्स के साथ जोड़ा जा सकेगा। इसके लिए किसी जटिल सेटअप प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी। यूजर केवल आवश्यक अनुमति देकर इसे सक्रिय कर सकते हैं। इसके बाद यह ईमेल, दस्तावेज, नोट्स और अन्य डिजिटल कार्यों को समझकर निर्धारित निर्देशों के अनुसार बैकग्राउंड में काम करता रहेगा।
गूगल के अनुसार यह एआई एजेंट केवल निर्देशों का पालन ही नहीं करेगा, बल्कि कई कार्य स्वतः भी पूरा कर सकेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी यूजर की फ्लाइट और होटल बुकिंग हो जाती है तो Gemini Spark स्वयं यात्रा संबंधी जानकारी को ट्रैवल इटिनरी में जोड़ सकता है। इसी प्रकार यह उपयोगकर्ता की रुचि के अनुसार स्थानीय कार्यक्रमों की जानकारी जुटाकर Google Docs में व्यवस्थित रूप से दर्ज कर सकता है। इसके अलावा यह विभिन्न थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकता है और विशेष विषयों पर अलर्ट भी भेज सकता है।
Gemini Spark की सबसे प्रमुख विशेषताओं में ईमेल और मीटिंग नोट्स का स्वतः सारांश तैयार करना शामिल है। यह महत्वपूर्ण ईमेल की पहचान कर उनका संक्षिप्त सार तैयार कर सकता है, जिससे उपयोगकर्ताओं का समय बचेगा। साथ ही मीटिंग के दौरान तैयार हुए नोट्स को व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने की क्षमता भी इसमें दी गई है। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को बार-बार किए जाने वाले डिजिटल कार्यों से राहत देना है ताकि वे अधिक महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
हालांकि गूगल ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता दी गई है। यदि कोई ऐसा कार्य होगा जिसमें वित्तीय लेन-देन, भुगतान, खरीदारी या किसी की ओर से ईमेल भेजने जैसे संवेदनशील निर्णय शामिल होंगे, तो Gemini Spark पहले उपयोगकर्ता से स्पष्ट अनुमति प्राप्त करेगा। इसके अलावा यूजर यह भी तय कर सकेंगे कि यह एआई एजेंट किन-किन एप्लिकेशन से जुड़ सकता है और आवश्यकता पड़ने पर इसे किसी भी समय बंद भी किया जा सकेगा।
गूगल का मानना है कि Gemini Spark भविष्य के एआई असिस्टेंट की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहां एआई केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उपयोगकर्ता की ओर से वास्तविक कार्य भी करेगा। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में इस एजेंट की क्षमताओं का और विस्तार किया जाएगा, जिससे डिजिटल उत्पादकता और कार्य प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो सकेगा।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

