ग्वालियर. ऑनलाइन होटल बुकिंग के दौरान सतर्कता नहीं बरतने पर एक महिला साइबर ठगों के जाल में फंस गई. जनकगंज थाना क्षेत्र निवासी महिला से नैनीताल में होटल बुकिंग कराने के नाम पर 1.90 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई. ठग ने खुद को एक नामी ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी का कर्मचारी बताकर विश्वास में लिया और फिर चरणबद्ध तरीके से रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली. मामले की शिकायत साइबर हेल्पलाइन पर किए जाने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित सात भाई की गोठ में रहने वाली मीनाक्षी नाफड़े अपने परिवार के साथ नैनीताल घूमने जाने की योजना बना रही थीं. इसके लिए उन्होंने एक लोकप्रिय ऑनलाइन ट्रैवल एप्लीकेशन के माध्यम से होटल बुकिंग की प्रक्रिया शुरू की. पांच जून की रात उन्होंने नैनीताल के एक होटल में कमरा बुक किया, लेकिन बुकिंग के दौरान अपनी बेटी का नाम जोड़ना भूल गईं.
बुकिंग में संशोधन कराने के लिए उन्होंने संबंधित कंपनी के आधिकारिक एप्लीकेशन से संपर्क करने के बजाय गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा. गूगल पर मिले नंबर पर कॉल करने पर एक युवक ने फोन उठाया और खुद को कंपनी का कर्मचारी बताया. उसने अपना नाम गौरव शर्मा बताया और महिला को भरोसा दिलाया कि वह उनकी समस्या का तत्काल समाधान कर देगा.
आरोपी ने महिला से बुकिंग अपडेट करने के नाम पर विभिन्न जानकारियां मांगीं और कुछ ऑनलाइन प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कहा. बातचीत के दौरान उसने महिला को इस तरह विश्वास में लिया कि उन्हें किसी प्रकार की आशंका नहीं हुई. इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से महिला के खाते से कुल 1.90 लाख रुपये निकाल लिए गए. जब महिला को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई.
प्राथमिक जांच के बाद मामला स्थानीय पुलिस को भेजा गया, जहां पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ठगों ने गूगल सर्च के माध्यम से फर्जी हेल्पलाइन नंबर किस प्रकार प्रसारित किए.
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कंपनी के कस्टमर केयर नंबर के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत मोबाइल एप्लीकेशन का ही उपयोग करना चाहिए. गूगल सर्च में दिखाई देने वाले सभी नंबर प्रमाणिक नहीं होते और कई बार साइबर अपराधी फर्जी संपर्क नंबरों के माध्यम से लोगों को निशाना बनाते हैं.
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन बुकिंग, रिफंड या कस्टमर सपोर्ट के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति न दें. थोड़ी सी सावधानी बड़ी आर्थिक हानि से बचा सकती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

