मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का लग्जरी रियल एस्टेट बाजार वर्ष 2026 की पहली छमाही में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है. 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक कीमत वाले घरों की बिक्री ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया है. संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से जून 2026 के बीच मुंबई में लग्जरी आवासीय संपत्तियों की बिक्री का कुल मूल्य 18,512 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है. यह आंकड़ा न केवल मुंबई के रियल एस्टेट बाजार की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि उच्च आय वर्ग के खरीदारों का भरोसा अब भी इस क्षेत्र पर कायम है.
भारत की प्रमुख लग्जरी रियल एस्टेट कंपनी इंडिया सोथेबीज़ इंटरनेशनल रियल्टी और प्रॉपर्टी डेटा एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म सीआरई मैट्रिक्स की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली छमाही में 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले 957 लग्जरी आवासीय सौदे दर्ज किए गए. यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है. विशेषज्ञों का मानना है कि लग्जरी आवासीय परियोजनाओं में बढ़ती मांग, सीमित लेकिन उच्च गुणवत्ता वाली आपूर्ति और संपन्न खरीदारों का मजबूत निवेश विश्वास इस तेजी के प्रमुख कारण हैं.
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 12 महीनों के दौरान प्राथमिक और पुनर्विक्रय (रीसेल) बाजार को मिलाकर लगभग 1,699 लग्जरी आवासीय इकाइयों की बिक्री हुई. यह किसी भी 12 महीने की अवधि में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है. इन सौदों का कुल मूल्य लगभग 34,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो मुंबई के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार के इतिहास में एक नया कीर्तिमान माना जा रहा है.
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक उतार-चढ़ाव के बावजूद मुंबई का लग्जरी आवासीय बाजार लगातार मजबूत बना हुआ है. इंडिया सोथेबीज़ इंटरनेशनल रियल्टी के कार्यकारी निदेशक सुदर्शन शर्मा के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली छमाही ने यह साबित कर दिया है कि मुंबई का प्रीमियम हाउसिंग बाजार देश के सबसे मजबूत और स्थिर बाजारों में से एक है. उन्होंने कहा कि 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों की बिक्री 18,500 करोड़ रुपये के पार पहुंचना इस बात का संकेत है कि उच्च श्रेणी के खरीदार अभी भी निवेश और स्वयं के उपयोग के लिए लग्जरी संपत्तियों में रुचि दिखा रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि डेवलपर्स ने कीमतों को लेकर संतुलित रणनीति अपनाई है और अत्यधिक मूल्य निर्धारण से बचने का प्रयास किया है. यही कारण है कि प्राथमिक बाजार के साथ-साथ पुनर्विक्रय बाजार में भी समान गति देखने को मिली है. उनका मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा तो मुंबई का लग्जरी आवासीय बाजार आगे भी स्थिर और टिकाऊ विकास की दिशा में बढ़ता रहेगा.
रिपोर्ट के अनुसार 20 करोड़ से 40 करोड़ रुपये मूल्य वर्ग वाले घरों ने बाजार की वृद्धि में सबसे बड़ी भूमिका निभाई. वर्ष 2023 की पहली छमाही में इस श्रेणी में जहां केवल 66 आवासीय इकाइयों की बिक्री हुई थी, वहीं वर्ष 2026 की पहली छमाही में यह संख्या बढ़कर 156 इकाइयों तक पहुंच गई. इससे स्पष्ट है कि अत्यधिक संपन्न खरीदार अब बड़े और प्रीमियम आवासों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं.
आकार के लिहाज से देखा जाए तो 2,000 से 4,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले घर सबसे अधिक पसंद किए गए. प्राथमिक बाजार में हुई कुल बिक्री का लगभग 58 प्रतिशत हिस्सा इसी श्रेणी के आवासों का रहा. इससे संकेत मिलता है कि खरीदार अब केवल महंगे घर ही नहीं, बल्कि अधिक विशाल और सुविधासंपन्न आवासों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं.
मुंबई के विभिन्न इलाकों में हुए लग्जरी सौदों का विश्लेषण बताता है कि शहर के शीर्ष 10 क्षेत्रों ने कुल प्राथमिक बिक्री मूल्य का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा अपने नाम किया. इनमें वर्ली सबसे आगे रहा, जहां अकेले 4,493 करोड़ रुपये मूल्य के लग्जरी घरों की बिक्री दर्ज की गई. समुद्र तट के निकट स्थित प्रीमियम परियोजनाएं, बेहतर कनेक्टिविटी और उच्चस्तरीय जीवनशैली सुविधाएं इस क्षेत्र की लोकप्रियता का प्रमुख कारण मानी जा रही हैं.
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2026 की पहली छमाही में लग्जरी रीसेल बाजार का प्रदर्शन भी मजबूत रहा. इस अवधि में पुनर्विक्रय के माध्यम से लगभग 4,840 करोड़ रुपये के सौदे हुए. हालांकि, लग्जरी संपत्तियों की औसत कीमत में लगभग 4 प्रतिशत की मामूली कमी दर्ज की गई और यह घटकर लगभग 72,270 रुपये प्रति वर्ग फुट रह गई. विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट बाजार में संतुलित मूल्य निर्धारण का संकेत है, जिससे वास्तविक खरीदारों को बेहतर विकल्प मिल रहे हैं.
सीआरई मैट्रिक्स के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक किरण गुप्ता ने कहा कि मुंबई के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार ने वर्ष 2026 की पहली छमाही में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है. उनके अनुसार पिछले 12 महीनों में लगभग 34,000 करोड़ रुपये के सौदों और करीब 1,700 लग्जरी इकाइयों की बिक्री ने यह साबित कर दिया है कि बाजार में उच्च आय वर्ग के खरीदारों का भरोसा लगातार बना हुआ है. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से 20 से 40 करोड़ रुपये वाले वर्ग में लगातार बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि खरीदार निवेश के प्रति उत्साहित तो हैं, लेकिन अब पहले की तुलना में अधिक सोच-समझकर निर्णय ले रहे हैं.
खरीदारों की आयु के आधार पर किए गए विश्लेषण में सामने आया कि 35 से 55 वर्ष आयु वर्ग के लोगों ने सबसे अधिक लग्जरी घर खरीदे. इस वर्ग की हिस्सेदारी कुल खरीद का 58 प्रतिशत रही. वहीं 65 वर्ष से अधिक आयु के खरीदारों की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत दर्ज की गई. विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च आय वाले पेशेवरों, उद्योगपतियों, उद्यमियों और सफल निवेशकों के बीच प्रीमियम आवासों की मांग लगातार बढ़ रही है.
रियल एस्टेट विश्लेषकों का मानना है कि यदि आर्थिक गतिविधियां इसी गति से आगे बढ़ती रहीं और ब्याज दरों में स्थिरता बनी रही, तो मुंबई का लग्जरी आवासीय बाजार आने वाले महीनों में भी नए रिकॉर्ड बना सकता है. फिलहाल वर्ष 2026 की पहली छमाही के आंकड़े यह स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि देश की आर्थिक राजधानी में लग्जरी रियल एस्टेट बाजार मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है और प्रीमियम आवासों की मांग अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

