सियोल. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच दुनिया की अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स और मेमोरी चिप निर्माता कंपनी Samsung Electronics ने वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है. कंपनी का कहना है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की लगातार बढ़ती मांग के कारण दुनिया में चिप की कमी (Semiconductor Shortage) वर्ष 2028 तक बनी रह सकती है. सैमसंग का अनुमान है कि वर्ष 2027 में चिप आपूर्ति पर दबाव वर्तमान की तुलना में और अधिक बढ़ जाएगा तथा इसका असर अगले वर्ष भी जारी रह सकता है.
यह बयान ऐसे समय आया है जब कंपनी ने अपनी सेमीकंडक्टर इकाई में रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है. सैमसंग के अनुसार एआई सर्वर, डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के लिए मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग ने कंपनी की आय में अभूतपूर्व वृद्धि की है. कंपनी के वित्तीय नतीजों ने उन निवेशकों की चिंताओं को भी काफी हद तक कम किया है, जिन्हें आशंका थी कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला भारी निवेश भविष्य में धीमा पड़ सकता है.
सैमसंग के मेमोरी बिजनेस के कार्यकारी उपाध्यक्ष जेजून किम ने विश्लेषकों के साथ बातचीत में कहा कि वैश्विक स्तर पर चिप की मांग लगातार बढ़ रही है और आपूर्ति उसी गति से नहीं बढ़ पा रही है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में आपूर्ति की स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है तथा यह दबाव 2028 तक जारी रहने की संभावना है.
कंपनी ने बताया कि उसने दुनिया की पांच प्रमुख डेटा सेंटर कंपनियों के साथ दीर्घकालिक चिप आपूर्ति समझौते किए हैं, जबकि पांच अन्य बड़े ग्राहकों के साथ भी समझौते अंतिम चरण में हैं. इन अनुबंधों की अवधि कम से कम पांच वर्ष होगी और ये कंपनी की दीर्घकालिक उत्पादन क्षमता के लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्से को कवर करेंगे. इन समझौतों में अग्रिम भुगतान और न्यूनतम मूल्य जैसी शर्तें भी शामिल हैं, जिससे बड़े पूंजी निवेश से जुड़े जोखिमों को कम किया जा सके.
सैमसंग का मानना है कि एआई आधारित डेटा सेंटरों के विस्तार के साथ मेमोरी चिप्स की मांग आने वाले वर्षों में और बढ़ेगी. विशेष रूप से High Bandwidth Memory (HBM) चिप्स, जिनका उपयोग एआई प्रोसेसरों में किया जाता है, कंपनी के लिए सबसे बड़े विकास क्षेत्रों में शामिल होंगे. कंपनी का अनुमान है कि तीसरी तिमाही में HBM4 चिप्स से होने वाली आय तीन गुना से अधिक बढ़ सकती है. साथ ही कंपनी इस क्षेत्र में अपनी बाजार हिस्सेदारी को DRAM कारोबार के स्तर तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है.
वित्तीय परिणामों के अनुसार सैमसंग के सेमीकंडक्टर कारोबार ने दूसरी तिमाही में 89.2 ट्रिलियन वॉन (करीब 61.7 अरब अमेरिकी डॉलर) का परिचालन लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 250 गुना से अधिक वृद्धि दर्शाता है. कंपनी की कुल तिमाही आय 171.5 ट्रिलियन वॉन रही, जो सालाना आधार पर लगभग 130 प्रतिशत अधिक है, जबकि कुल परिचालन लाभ 89.5 ट्रिलियन वॉन तक पहुंच गया.
हालांकि चिप कारोबार में रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद कंपनी का मोबाइल डिवीजन दबाव में रहा. सेमीकंडक्टर की बढ़ी हुई कीमतों के कारण स्मार्टफोन कारोबार की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिसके चलते मोबाइल इकाई को दूसरी तिमाही में 700 अरब वॉन का घाटा उठाना पड़ा. यह इस कारोबार का कई वर्षों में पहला तिमाही घाटा माना जा रहा है.
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सैमसंग की बढ़ती सफलता अब काफी हद तक मेमोरी चिप्स की कीमतों और एआई क्षेत्र में निवेश करने वाली बड़ी वैश्विक टेक कंपनियों की मांग पर निर्भर हो गई है. यदि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश मजबूत बना रहता है तो कंपनी की आय में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है.
सैमसंग ने अपने Foundry Business को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए हैं. कंपनी का कहना है कि उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग और चिप कीमतों में सुधार के कारण फाउंड्री कारोबार में जल्द ही सुधार दिखाई देगा. कंपनी इस वर्ष अमेरिका के टेक्सास स्थित अपने नए सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र में उत्पादन शुरू करने की तैयारी कर रही है. इसके अलावा वर्ष 2030 तक एक और अत्याधुनिक फैब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने की योजना भी जारी है.
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, हाई-परफॉर्मेंस सर्वर और डेटा सेंटरों के तेजी से विस्तार ने वैश्विक चिप उद्योग को नई दिशा दी है. इसी कारण दुनिया की बड़ी चिप कंपनियां उत्पादन क्षमता बढ़ाने में जुटी हैं, लेकिन मांग इतनी तेज है कि अगले कुछ वर्षों तक आपूर्ति पर दबाव बना रह सकता है.
सैमसंग की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब पूरी दुनिया में एआई तकनीक को लेकर निवेश लगातार बढ़ रहा है. कंपनी का अनुमान है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए आने वाले दो से तीन वर्ष चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ अभूतपूर्व अवसरों से भी भरे होंगे.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

