नई दिल्ली. अब पतंजलि बीमा सेक्टर में भी प्रवेश करने वाला है. एफएमसीजी मार्केट में धूम मचाने के बाद अब आम जनता के लिए पतंजलि बीमा पॉलिसी भी सामने लेकर आ रही है. बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेंद ने एफएमसीजी और आयुर्वेद से परे अपना अब तक का सबसे बड़ा कदम बढ़ाया है. भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने कंपनी की ओर से मैग्मा जनरल इंश्योरेंस के अधिग्रहण को मंजूरी दी है. इससे पतंजलि के लिए भारत में तेजी से बढ़ते सामान्य बीमा बाजार में प्रवेश करने का मार्ग खुल सकेगा.
करीब 4,500 करोड़ रुपये के इस अधिग्रहण को डीएस ग्रुप के साथ संयुक्त रूप से अंजाम दिया जा रहा है. यह अपने खाद्य और मिठाई के कारोबार के लिए सबसे अधिक जाना जाता है. इस समझौते के तहत, पतंजलि आयुर्वेद मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में 73.56 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करेगी. डीएस ग्रुप के पास 24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. दोनों मिलकर, बीमा कंपनी के करीब 98 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण हासिल कर लेंगे. सानोटी प्रॉपर्टीज एलएलपी की अगुवाई वाले मौजूदा शेयरधारकों के पास है, जो अदार पूनावाला ग्रुप का भाग है. आईआरडीएआई की मंजूरी तीन माह के लिए वैध होती है, इस दौरान लेनदेन पूरा किया जाना जरूरी है.
पतंजलि के लिए खास क्षेत्र
इस अधिग्रहण के साथ पतंजलि ने वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में पहला बड़ा कदम तय किया है. अब तक कंपनी मुख्य रूप से आयुर्वेदिक दवाओं, व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों, पैकेटबंद खाद्य पदार्थों और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़ी रही है. नए बीमा लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बजाय, पतंजलि ने मोटर, स्वास्थ्य, संपत्ति और वाणिज्यिक बीमा क्षेत्रों में स्थापित उपस्थिति वाली एक मौजूदा बीमा कंपनी का अधिग्रहण करके इस क्षेत्र में प्रवेश करने का विकल्प चुना है. उद्योग जगत के जानकारों का कहना है कि कंपनी अपने विशाल खुदरा और वितरण नेटवर्क का लाभ उठाकर बीमा क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ाई है. खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में, जहां पतंजलि की पहले से मजबूत स्थिति है.
मैग्मा जनरल का प्रदर्शन कैसा?
मैग्मा जनरल इंश्योरेंस ने हाल के सालों में अपने कारोबार का लगातार विस्तार किया. बीमा कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 3,615.48 करोड़ रुपये का सकल लिखित प्रीमियम दर्ज किया. ये बीते वित्त वर्ष के 3,334.4 करोड़ रुपये से ज्यादा है. यह कंपनी मोटर, स्वास्थ्य, संपत्ति और वाणिज्यिक बीमा समेत कई सामान्य बीमा क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करती है. इसके साथ एक व्यापक वितरण नेटवर्क है, जिसमें हजारों एजेंट, कॉर्पोरेट ग्राहक, वित्तीय सेवा भागीदार और ऑटोमोबाइल निर्माता भी हैं.
यह सौदा काफी अहम
यह अधिग्रहण भारतीय व्यापार समूहों की ओर से वित्तीय सेवाओं में नए सिरे से कारोबार खड़ा करके के बजाय अधिग्रहण के जरिए विविधता लाने की व्यापक प्रवृत्ति को तय करता है. अगर यह सौदा तय वक्त पर पूरा होता है, तो पतंजलि औपचारिक रूप से भारत के सामान्य बीमा उद्योग में सबसे नए खिलाडिय़ों में एक होगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

