रूस में नॉर्थ कोरिया ने तैनात की 120 बैलिस्टिक मिसाइल और लॉन्चर, यूक्रेन ने जताई चिंता

रूस में नॉर्थ कोरिया ने तैनात की 120 बैलिस्टिक मिसाइल और लॉन्चर, यूक्रेन ने  जताई चिंता

प्रेषित समय :14:03:55 PM / Thu, Aug 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मॉस्को/कीव. यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया की एक मिसाइल यूनिट पश्चिमी रूस में तैनात की जा रही है. दावा है कि इस यूनिट में करीब 90 उत्तर कोरियाई सैनिक, 120 बैलिस्टिक मिसाइलें और छह लॉन्चर शामिल हैं. यूक्रेन के मुख्य खुफिया निदेशालय के अधिकारी आंद्री चेर्नियाक के अनुसार, रूस इस यूनिट को वोरोनेज क्षेत्र में अपनी 112वीं मिसाइल ब्रिगेड के साथ तैनात करने की योजना बना रहा है.

यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाएगा. यूक्रेन पहले ही आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों की कमी से जूझ रहा है और रूस लगातार बैलिस्टिक मिसाइलों का अधिक इस्तेमाल कर रहा है, जिन्हें रोकना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है.

2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद उत्तर कोरिया मॉस्को का प्रमुख सहयोगी बन गया. दोनों देशों ने 2024 में आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. उत्तर कोरिया पहले ही रूस को लाखों तोपखाने के गोले भेज चुका है. इसके अलावा, 2024 में कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी घुसपैठ को रोकने के लिए उसने 14,000 सैनिक भी भेजे थे.

चेर्नियाक के अनुसार, प्योंगयांग ने हाल ही में 40 नई ्यहृ-23 और ्यहृ-24 बैलिस्टिक मिसाइलें तथा कुछ सैन्य कर्मी रूस भेजे हैं. अगले महीने होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता में इस तैनाती के अंतिम स्वरूप और कुल मिसाइलों की संख्या पर फैसला हो सकता है. रूस की योजना इस यूनिट में कुल 120 मिसाइलें और छह लॉन्चर शामिल करने की बताई जा रही है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने बताया कि अमेरिका इस संभावित तैनाती से अवगत है. हालांकि, सीआईए और व्हाइट हाउस ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है. वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय और न्यूयॉर्क स्थित उत्तर कोरियाई दूतावास की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

रूस ने 2023 के अंत से यूक्रेन के खिलाफ उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू किया था. अगस्त 2025 तक उत्तर कोरिया रूस को 150 ऐसी मिसाइलें उपलब्ध करा चुका था. पिछले सप्ताह रूस ने अगस्त 2025 के बाद पहली बार दो उत्तर कोरियाई मिसाइलें दागीं. इनमें से एक मिसाइल ने मध्य यूक्रेन के रादुशने गांव में एक आवासीय मकान को तबाह कर दिया, जिसमें एक ही परिवार के कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई.

विशेषज्ञों के अनुसार, केएन-23 और केएन-24 मिसाइलें रूसी इस्कंदर मिसाइलों की तुलना में अधिक दूरी तक मार कर सकती हैं और बड़ा विस्फोटक भार ले जाने में सक्षम हैं. हालांकि, इनकी सटीकता अपेक्षाकृत कम मानी जाती है, जिसके कारण नागरिक इलाकों में नुकसान और जनहानि का खतरा अधिक रहता है. रूस इन मिसाइलों का अधिक इस्तेमाल इसलिए भी कर रहा है क्योंकि इन्हें रोकने में मुख्य रूप से अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम प्रभावी माने जाते हैं. यूक्रेन के पास ऐसे रक्षा सिस्टम सीमित संख्या में हैं, जिससे बैलिस्टिक मिसाइलों का बढ़ता इस्तेमाल उसके लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है.

फॉरेन पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो रॉब ली का कहना है कि उत्तर कोरिया से मिलने वाले सैन्य संसाधन यूक्रेन के लिए बड़ा खतरा हैं. उनके अनुसार, बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा पहले से ही यूक्रेन की सबसे बड़ी कमजोरियों में से एक है और यदि ऐसी मिसाइलों की संख्या बढ़ती है तो आने वाले महीनों, विशेषकर सर्दियों में, रूस बिजली ग्रिड समेत अहम बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर सकता है.

हालांकि, उत्तर कोरियाई मिसाइल यूनिट की तैनाती और उसकी भूमिका को लेकर अब तक कोई स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. चेर्नियाक ने कहा कि उनका दावा संवेदनशील खुफिया जानकारी पर आधारित है, इसलिए विस्तृत स्रोत सार्वजनिक नहीं किए जा सकते. यह भी अभी स्पष्ट नहीं है कि उत्तर कोरियाई सैनिक मिसाइलों का संचालन करेंगे, उनका रखरखाव करेंगे या केवल प्रशिक्षण की भूमिका निभाएंगे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-