नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अहम सलाह दी है. रहाणे का मानना है कि युवा बल्लेबाज को अभी टेस्ट टीम में शामिल करने की जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि वैभव ने अपनी प्रतिभा जरूर दिखाई है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में जगह बनाने से पहले उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खुद को साबित करना होगा.
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी लगातार सुर्खियों में रहे हैं. आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के साथ ही वह सबसे कम उम्र में भारत की टी-20 टीम का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए. इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला, लेकिन शुरुआती मुकाबलों में वह अपेक्षित निरंतरता नहीं दिखा सके.
अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मैचों में वैभव ने 14, 13, 15, 50, 20 और 81 रन की पारियां खेलीं. इनमें कुछ प्रभावशाली प्रदर्शन जरूर रहे, लेकिन लगातार बड़ी पारियां नहीं आने के कारण उनके खेल को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच चर्चा जारी है. आईपीएल में आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपेक्षाकृत अधिक चुनौती का सामना करना पड़ा.
'स्टिक टू क्रिकेट' पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान अजिंक्य रहाणे ने कहा कि अभी वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार मानना जल्दबाजी होगी. उन्होंने कहा, "मैं उस युवा खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहता. उसके बारे में पहले से ही काफी चर्चा हो रही है. उसने अभी केवल दो आईपीएल सीजन खेले हैं और उसे अपना खेल खेलने के लिए समय मिलना चाहिए."
रहाणे ने आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच अंतर भी स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि आईपीएल और देश के लिए खेलने का दबाव पूरी तरह अलग होता है. "आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट में बड़ा अंतर है. जब आप भारत के लिए खेलते हैं तो दबाव कहीं अधिक होता है. आईपीएल में लक्ष्य का पीछा करना अलग बात है, जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वही चुनौती कहीं अधिक कठिन हो जाती है. इसलिए उसे समय दीजिए और धीरे-धीरे आगे बढ़ने दीजिए."
हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने कुछ अच्छी पारियां खेलीं. उन्होंने पहले टी-20 मुकाबले में अर्धशतक लगाया, दूसरे मैच में 20 रन बनाए और अंतिम मुकाबले में 49 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली. हालांकि उनकी इस पारी की गति को लेकर भी क्रिकेट विशेषज्ञों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी, क्योंकि आईपीएल में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली की तुलना में यह पारी अपेक्षाकृत धीमी मानी गई.
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में लंबी पारी खेलने और भविष्य में भारतीय क्रिकेट का महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनने की क्षमता है. हालांकि उनका मानना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी को शुरुआती सफलता के आधार पर टेस्ट क्रिकेट में उतारने के बजाय उसे घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रदर्शन करने का पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए.
फिलहाल वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं. आने वाले समय में उनका प्रदर्शन ही यह तय करेगा कि वह भारतीय टीम के तीनों प्रारूपों में अपनी जगह कितनी जल्दी और कितनी मजबूती से बना पाते हैं. वहीं अजिंक्य रहाणे की सलाह को युवा खिलाड़ियों के विकास और उन्हें अनावश्यक दबाव से बचाने के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

