जबलपुर. पमरे के जबलपुर में आज शुक्रवार को रेलवे ने खतरे का 6 सायरन बजाया. जिसके बाद मौके पर कर्मचारियों, अधिकारियों को लेकर सिहोरा-डुंडी के बीच रवाना हुई दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) का इंजिन ही फेल हो गया. जिसने रेलवे की संरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी. बाद में जबलपुर से दूसरा इंजिन ऑर्डर हुआ और मौके पर भेजकर एआरटी को वापस बुला लिया गया.
बताया जाता है कि दोपहर 12.30 बजे के लगभग रेल हादसे पर मौके पर कर्मचारियों-अधिकारियों को एलर्ट करने के लिए बजाये गये सायरन के बाद मौके पर स्टाफ को लेकर रवाना हुई एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) का इंजिन भी फेल हुआ, जिसके बाद दूसरे इंजिन को जबलपुर से भेजा गया, जिसके बाद एआरटी बीच रास्ते से वापस जबलपुर आ गई.
मॉक ड्रिल का सफल आयोजन
रेल प्रशासन के मुताबिक अपराह्न 12:07 बजे सिहोरा रोड के ऑन-ड्यूटी उप स्टेशन अधीक्षक द्वारा समपार फाटक संख्या 338 पर एम्बुलेंस और ट्रक के बीच भीषण टक्कर होने, हताहतों की स्थिति बनने तथा अप एवं डाउन दोनों रेल लाइनों के बाधित होने की काल्पनिक सूचना दी गई. सूचना मिलते ही जबलपुर मंडल में त्वरित आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल सक्रिय किया गया. तत्काल प्रभाव से जबलपुर से दुर्घटना राहत चिकित्सा यान व दुर्घटना राहत गाड़ी तथा न्यू कटनी जंक्शन से स्व-संचालित को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. साथ ही स्थानीय नागरिक प्रशासन, पुलिस, निकटतम चिकित्सालयों एवं एम्बुलेंस सेवाओं को तत्काल सूचित किया गया.
वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी जबलपुर द्वारा 13:03 बजे इस संपूर्ण घटनाक्रम को आधिकारिक रूप से मॉक ड्रिल घोषित किया गया. इसके पश्चात रेलवे टीम द्वारा आसपास मौजूद आम जनता को समपार फाटक सुरक्षा, आपातकालीन नियमों और संरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने हेतु काउंसलिंग भी की गई. इस अभ्यास के माध्यम से राहत टीमों के टर्न-आउट समय, त्वरित संचार प्रणाली, राहत उपकरणों की कार्यकुशलता और जिला प्रशासन के साथ समन्वय का गहन मूल्यांकन किया गया, ताकि भविष्य में किसी भी वास्तविक दुर्घटना के समय त्वरित एवं प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित किया जा सके.
रेल फाटक पर ट्रक फंसा, ट्रैफिक रुका
इस घटना के दौरान सही में एक घटना जबलपुर-अधारताल स्टेशनों के बीच दोपहर में घटित हुई. बताया जाता है कि अधारताल के पास स्थित एक समपार पर निकलते समय लोडेड ट्रक अचानक बीच में खराब हो गया. काफी प्रयास के बाद जब उसे हटाया नहीं गया, तब रेल कर्मचारियों ने उसे हटाया और यातायात सुचारू रूप से संचालित किया. जिस समय यह घटना हुई, उस समय किसी ट्रेन के आने का समय नहीं था, जिसके चलते गाडिय़ां प्रभावित नहीं हुई.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

