नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ अब तरक्की के नए शिखर पर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने युवा मंच में गिनाईं उपलब्धियां

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ अब तरक्की के नए शिखर पर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने युवा मंच में गिनाईं उपलब्धियां

प्रेषित समय :15:36:01 PM / Sun, Aug 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के महोबा बाजार स्थित एक निजी होटल में आयोजित आईटीवी नेटवर्क और 'इंडिया न्यूज' के 'युवा मंच' कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद के खत्म होने के बाद अब छत्तीसगढ़ सर्वांगीण और संतुलित विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक, पूरे प्रदेश के लक्ष्य-केंद्रित (Targeted) विकास के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से संकल्पित है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित भी किया.

दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षाबलों के साहस से नक्सलवाद का अंत
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में नक्सलवाद हमेशा से एक बहुत बड़ी रुकावट था. नई सरकार के गठन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि देश में बची हुई नक्सल समस्या का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ में ही केंद्रित था. इसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति से एक निश्चित समय-सीमा (Deadline) तय की गई. हमारे सुरक्षाबलों के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने में सफलता हासिल की.

पर्यटन और संस्कृति का नया केंद्र बनता बस्तर
राज्य में पर्यटन की विशाल संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात विश्वभर में 'नियाग्रा' के नाम से जाना जाता है. धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में स्थान दिया है, जहां बम्बू राफ्टिंग जैसी गतिविधियों और 'होम स्टे' का आनंद पर्यटक ले रहे हैं. पर्यटन को और अधिक बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई औद्योगिक नीति में पर्यटन क्षेत्र को विशेष रूप से शामिल किया गया है.

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और धर्मांतरण पर सख्त कानून
युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य है जहां धर्मांतरण रोकने के लिए सबसे सख्त कानून (धर्म स्वातंत्र्य बिल) लाया गया है. प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों पर अब कठोर कार्रवाई की जा रही है.

इसके अलावा, युवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए पीएससी (PSC) में भ्रष्टाचार करने वालों पर सख्त कदम उठाए गए हैं. अब पीएससी समेत सभी प्रतियोगी व भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही हैं, जिससे युवाओं और उनके अभिभावकों का भरोसा बहाल हुआ है.

जनजातीय कल्याण और शिक्षा का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल प्रदेश है. पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी ने जनजातीय समाज के उत्थान के लिए पृथक आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया था. इसी कड़ी में 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत प्रदेश के 6,000 गांवों को शामिल किया गया है. राज्य की 5 विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.

शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बस्तर में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब वहां एक आधुनिक 'एजुकेशन सिटी' बनाई जा रही है, जिसके लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है. साथ ही, निकटवर्ती राज्यों के जनजातीय छात्रों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य में एक 'ट्राइबल यूनिवर्सिटी' (Tribal University) स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है.

स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव
स्वास्थ्य सुविधाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और 5 नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें 250 नई सीटें जोड़ी गई हैं. इसी सत्र से इनमें पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी. बस्तर में निर्मित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अब कॉम्प्लेक्स ब्रेन ट्यूमर जैसे गंभीर रोगों का इलाज हो रहा है. 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के अंतर्गत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 40 हजार मरीजों का सफल उपचार किया गया है.

8 लाख करोड़ के MoU और रोजगार के नए अवसर
प्रदेश की नई औद्योगिक नीति की सफलता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 8 लाख करोड़ रुपये के MoU साइन किए गए हैं, जिनका असर अब धरातल पर दिखने लगा है. सेमीकंडक्टर प्लांट, AI डेटा सेंटर और टेक्सटाइल सेक्टर में तेजी से काम चल रहा है.

जो उद्यमी स्थानीय 1,000 युवाओं को रोजगार प्रदान करेंगे, उनके लिए विशेष इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा, बारिश के मौसम के बाद एक विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा ताकि राज्य के युवाओं को निजी व औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर अवसर मिल सकें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-