बेंगलुरु. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के पास शिवगंगे पहाड़ियों पर ट्रेकिंग के दौरान लापता हुए इंदौर के 31 वर्षीय युवक अद्वैत उपाध्याय की तलाश के लिए पुलिस और बचाव दल का अभियान जारी है. अद्वैत 7 अगस्त से लापता हैं. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उन्हें तलाशने का अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है और ड्रोन से घने जंगल में किसी मानव शरीर जैसी आकृति दिखाई देने की खबरों के बावजूद युवक की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. बेंगलुरु ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एमवी चंद्रकांत ने कहा है कि अद्वैत को खोजने के प्रयास लगातार जारी हैं.
पुलिस के अनुसार, इंदौर के बेगुर इलाके के रहने वाले अद्वैत व्हाइटफील्ड स्थित एक वित्तीय कंपनी में काम करते थे. बताया गया है कि उन्होंने अपनी मंगेतर को शिवगंगे में ट्रेकिंग पर जाने की जानकारी दी थी. इसके बाद उन्होंने ट्रेकिंग के लिए एक मोटरसाइकिल किराये पर ली. पुलिस की जांच में सामने आया है कि अद्वैत ने किराये की बाइक को पहाड़ी की तलहटी में खड़ा किया और इसके बाद पैदल पहाड़ी की ओर बढ़े. पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में भी उन्हें पहाड़ी की तरफ जाते हुए देखा गया है.
7 अगस्त के बाद अद्वैत से संपर्क नहीं होने पर परिवार और परिचितों की चिंता बढ़ गई. इसके बाद पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई. कडुगोडी पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बाद शिवगंगे और उसके आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया. पुलिस, वन विभाग, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की टीमें खोज अभियान में शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक 70 से अधिक कर्मियों को तलाश अभियान में लगाया गया है.
शिवगंगे का इलाका पहाड़ी और कई स्थानों पर घने वन क्षेत्र वाला है. ऐसे में लापता व्यक्ति की तलाश में बचाव दल को कई तरह की भौगोलिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. तलाशी अभियान के दौरान पहाड़ी ढलानों, जंगल और आसपास के संभावित रास्तों की जांच की जा रही है. बचाव दल तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी संभावित स्थानों को खंगाल रहा है.
इस बीच ऐसी खबरें सामने आईं कि तलाशी अभियान के दौरान ड्रोन से घनी वनस्पतियों के बीच किसी मानव शरीर जैसी आकृति दिखाई दी है. इस खबर के बाद अद्वैत के परिवार की चिंता और बढ़ गई. हालांकि पुलिस ने इस संबंध में किसी जल्दबाजी में निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है. बेंगलुरु ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एमवी चंद्रकांत ने कहा कि लापता युवक को खोजने का अभियान जारी है. पुलिस के मुताबिक अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ड्रोन में दिखाई दी आकृति अद्वैत की ही है.
परिवार की ओर से इस मामले में अपहरण की आशंका भी जताई गई है. परिजनों को संदेह है कि अकेले ट्रेकिंग पर गए अद्वैत के साथ किसी आपराधिक घटना को अंजाम दिया गया हो सकता है. परिवार ने आशंका जताई कि लुटेरों ने उन्हें निशाना बनाया हो. हालांकि पुलिस ने अभी तक ऐसी किसी आशंका की पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है और किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है.
जांच के दौरान पुलिस अद्वैत की डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों ने बताया कि ट्रेकिंग पर जाने से पहले इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर की गई कुछ खोजों को जांच के दायरे में लिया गया है. पुलिस के अनुसार, अद्वैत के डिजिटल रिकॉर्ड में शिवगंगे की ऊंचाई और पहाड़ी से किसी व्यक्ति के गिरने की स्थिति में संभावित परिणामों से संबंधित खोजें मिली हैं. इसके अलावा एक एआई टूल पर भी इसी तरह की जानकारी से जुड़ी क्वेरी किए जाने की बात सामने आई है.
पुलिस निरीक्षक बी. गोवर्धन के अनुसार, जांच के दृष्टिकोण से ये डिजिटल खोज महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने बताया कि शिवगंगे से संबंधित जानकारी, पहाड़ी की ऊंचाई और वहां से गिरने की स्थिति में होने वाले परिणामों से जुड़े सवालों की जांच की जा रही है. हालांकि इन ऑनलाइन खोजों का वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. केवल डिजिटल सर्च के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है और पुलिस अन्य साक्ष्यों के साथ इन जानकारियों का मिलान कर रही है.
अद्वैत के लापता होने के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस ने भी कर्नाटक पुलिस को सहयोग की पेशकश की है. इंदौर के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि इंदौर के रहने वाले अद्वैत उपाध्याय बेंगलुरु के पास शिवगंगे में ट्रेकिंग के दौरान लापता हो गए हैं. इसके बाद इंदौर पुलिस ने कर्नाटक पुलिस से संपर्क किया और जांच में आवश्यक सहयोग देने की पेशकश की.
इंदौर पुलिस के अधिकारी के अनुसार, यदि कर्नाटक पुलिस को जांच में किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होती है तो इंदौर पुलिस तत्काल सहयोग करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल अद्वैत के परिवार की ओर से इंदौर पुलिस को कोई प्रत्यक्ष सूचना प्राप्त नहीं हुई है. इसके बावजूद मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है.
पुलिस अब अद्वैत के ट्रेकिंग रूट, उनके मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज तथा किराये की मोटरसाइकिल से जुड़ी जानकारी की जांच कर रही है. उनके आखिरी संपर्क और आखिरी ज्ञात लोकेशन को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पहाड़ी की तलहटी से ऊपर जाने के बाद अद्वैत किस दिशा में गए और उसके बाद उनकी गतिविधियां कहां तक दर्ज हुईं.
अधिकारियों का कहना है कि लापता युवक की तलाश में सभी संभावित स्थानों की जांच की जा रही है. जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के दौरान तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है. ड्रोन से मिली किसी भी संदिग्ध जानकारी को जमीनी टीमों के जरिए सत्यापित किया जा रहा है, ताकि गलत पहचान या अफवाह के आधार पर कोई निष्कर्ष न निकले.
अद्वैत के परिवार और परिचित उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं. वहीं पुलिस ने लोगों से अपुष्ट जानकारी के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है. फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता युवक का पता लगाना है. कर्नाटक पुलिस के नेतृत्व में चल रहे अभियान में विभिन्न विभागों की टीमें जुटी हुई हैं और जांच अधिकारियों के अनुसार अद्वैत के बारे में कोई ठोस जानकारी मिलने तक तलाशी और जांच दोनों जारी रहेंगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

