अहमदाबाद. पश्चिम रेलवे के गेरतपुर-अहमदाबाद रेलखंड पर लेवल क्रॉसिंग संख्या 305 पर चार लेन वाले रोड ओवरब्रिज के निर्माण को भारतीय रेलवे ने मंजूरी दे दी है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 153 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है. ब्रिज के निर्माण से क्षेत्र में सड़क यातायात को अधिक सुरक्षित, सुगम और निर्बाध बनाने में मदद मिलेगी. विशेष रूप से व्यस्त रेल क्रॉसिंग पर वाहनों को ट्रेनों के आवागमन के दौरान रुकने की समस्या से राहत मिलेगी.
रेलवे के अनुसार यह परियोजना पश्चिम रेलवे में चल रहे व्यापक आधारभूत संरचना विकास कार्यों का हिस्सा है. गेरतपुर-अहमदाबाद रेलखंड पर बनने वाला यह रोड ओवरब्रिज घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्र में स्थित होने के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है. परियोजना में रेलवे ब्रिज के साथ लंबी अप्रोच रोड और वायडक्ट का निर्माण भी किया जाएगा. प्रस्तावित रेलवे ब्रिज की कुल लंबाई 106 मीटर होगी, जिसमें 53-53 मीटर के दो संयुक्त गर्डर शामिल होंगे. इसके अतिरिक्त 150 मीटर लंबा वायडक्ट और रेलवे की ओर 595 मीटर लंबी अप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा.
चार लेन का यह ओवरब्रिज तैयार होने के बाद सड़क यातायात को सीधे रेलवे लाइन के ऊपर से निकाला जा सकेगा. इससे लेवल क्रॉसिंग पर ट्रेनों के गुजरने के दौरान वाहनों के रुकने और लंबी कतारें लगने की समस्या कम होगी. रेलवे क्रॉसिंग पर भीड़भाड़ घटने से यात्रियों को समय की बचत होगी और क्षेत्र में सड़क यातायात अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है. परियोजना को शहरी क्षेत्र की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है.
इसी बीच अहमदाबाद-पालनपुर रेलखंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग से जुड़े कार्यों के कारण रेल यातायात भी प्रभावित रहेगा. पश्चिम रेलवे के आंबलियासन, जगुदन, मेहसाणा, भान्डू और मोटीदाउ स्टेशनों के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू करने तथा संबंधित रेलखंड में सिग्नलिंग कार्य किए जा रहे हैं. इन कार्यों के चलते गुरुवार को कई यात्री ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है.
ऑटोमेटिक सिग्नलिंग व्यवस्था लागू होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है. नई प्रणाली से ट्रेनों को स्टेशन पर दूसरी ट्रेन के गुजरने अथवा आगे की लाइन खाली होने का इंतजार कम करना पड़ेगा. इससे यात्री और मालगाड़ियों का परिचालन अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी.
सिग्नलिंग कार्य के कारण साबरमती-पाटण-साबरमती डेमू, गांधीनगर कैपिटल-वरेठा-गांधीनगर कैपिटल मेमू, मेहसाणा-आबू रोड-मेहसाणा डेमू, साबरमती-मेहसाणा-साबरमती डेमू सहित कई ट्रेनों को पूर्णतः रद्द किया गया है. मेहसाणा-विरमगाम, मेहसाणा-भीलड़ी और मेहसाणा-पाटण रेल सेवाओं पर भी इसका असर रहेगा.
इसके अलावा साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस को साबरमती से आबू रोड के बीच तथा वलसाड-वडनगर-वलसाड इंटरसिटी एक्सप्रेस को गांधीनगर कैपिटल से वडनगर के बीच आंशिक रूप से रद्द किया गया है. कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा. साबरमती-जैसलमेर इंटरसिटी, जोधपुर-दादर एक्सप्रेस, भगत की कोठी-एमजीआर चेन्नई सेंट्रल एक्सप्रेस, साबरमती-योग नगरी ऋषिकेश योगा एक्सप्रेस और दौलतपुर चौक-गांधीनगर कैपिटल एक्सप्रेस का संचालन निर्धारित परिवर्तित मार्गों से किया जाएगा.
रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सड़क-रेल यातायात को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में चार लेन रोड ओवरब्रिज तथा ऑटोमेटिक सिग्नलिंग दोनों परियोजनाओं को अहम माना जा रहा है. रोड ओवरब्रिज बनने के बाद जहां सड़क यात्रियों को रेल क्रॉसिंग पर रुकने से राहत मिलेगी, वहीं सिग्नलिंग व्यवस्था में सुधार से अहमदाबाद-पालनपुर रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता और सुगमता बढ़ने की उम्मीद है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

