जबलपुर. एमपी के जबलपुर में गंजीपुरा क्षेत्र में विधायक मद के 25 लाख रुपये की लागत से बने सुलभ शौचालय में छज्जा गिरने की घटना के बाद निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं. इस मामले में पूर्व विधायक विनय सक्सेना के विरोध प्रदर्शन के बाद आज मौलाना अबुल कलाम आजाद ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धांत जैन गोलू के नेतृत्व में नगर निगम पहुंचकर आयुक्त के नाम 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया.
इस मौके पर मेवालाल पटेल पार्षद मसूद नबी गुड्डू पार्षद वकील अंसारी पार्षद अख्तर अंसारी पार्षद याकूब अंसारी अजय रावत पंकज निगम आयुष पहारिया एडवोकेट मोहम्मद अल्तमस प्रहलाद दाहिया अवधेश गुप्ता अतुल सोनी प्राणेश जैन सनी जैन दिलीप चमकेल संजू अहिरवार सुनील विश्वकर्मा डॉ अभिजीत सिंह परिहार नीलेश जैन नीटू एडवोकेट आकाश तिवारी मोनू खंडेलवाल और निर्भय जैन ड्योढिय़ा उपस्थित रहे. गंजीपुरा स्थित इस सुलभ शौचालय का निर्माण जनसुविधा को ध्यान में रखकर किया गया था. लेकिन भव्य लोकार्पण के महज 25 दिन के भीतर ही इमारत की बदहाली उजागर हो गई.
छत से लगातार पानी टपकने लगा और पूरी दीवारें सीलन की वजह से खराब होने लगीं. दीवारों पर लगी टाइल्स स्पर्श करते ही नीचे गिरने लगीं. सबसे गंभीर स्थिति तब पैदा हुई जब अचानक शौचालय का छज्जा नीचे गिर पड़ा. उस समय वहां से गुजर रही 1 महिला इस हादसे में बाल-बाल बची. किसी आम नागरिक की जान को खतरा न हो इसलिए प्रशासन को आनन-फानन में इस नए निर्माण पर ताला लगाना पड़ा. केवल 1 माह में ही सार्वजनिक संपत्ति का यह हाल होना निर्माण सामग्री की घटिया गुणवत्ता को साफ बयां करता है.
घटिया निर्माण के कारण 25 दिन में ताला लगा
ज्ञापन सौंपते हुए ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारियों ने नगर निगम प्रशासन के सामने 7 प्रमुख मांगें रखीं. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 25 लाख की सरकारी राशि से बनी इमारत का इतने कम समय में जर्जर होना अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत को दर्शाते हैं. इस पूरे निर्माण की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है ताकि जनता के टैक्स के पैसे के साथ हुए इस खिलवाड़ का सच सामने आ सके. इस मामले में जांच आदेश अविलंब जारी किए जाने चाहिए.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

