जबलपुर.नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र अंतर्गत बरघाटी के जंगल में गुरुवार देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर सड़क पर आ गिरा. भूस्खलन के कारण भोपाल-जबलपुर मार्ग पर भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और चट्टानों का मलबा फैल गया. इससे कुछ समय के लिए इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई. गनीमत रही कि जिस समय पहाड़ का हिस्सा सड़क पर गिरा, उस दौरान वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था. इससे एक बड़ा सड़क हादसा होने से टल गया.
बरघाटी का यह मार्ग जबलपुर की ओर आने-जाने वाले वाहनों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है. देर रात अचानक पहाड़ का हिस्सा सड़क पर गिरने की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों और वाहन चालकों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. देखते ही देखते सड़क पर मलबे का ढेर जमा हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतार लगने लगी. इस मार्ग से रात के समय बड़ी संख्या में यात्री वाहन, मालवाहक वाहन और अन्य वाहन गुजरते हैं. ऐसे में यदि भूस्खलन के समय कोई वाहन मलबे की चपेट में आ जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी.
घटना की सूचना मिलने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग की पेट्रोलिंग टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचा. सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित हिस्से के दोनों ओर वाहनों को नियंत्रित किया गया और बैरिकेडिंग कर दी गई. अधिकारियों ने वाहन चालकों को सावधानी से निकलने की सलाह दी. मार्ग पर मलबा अधिक होने के कारण सामान्य यातायात प्रभावित रहा, जिसके चलते जबलपुर की ओर आने वाले वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.
प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया. भारी मशीनों और जेसीबी की मदद से सड़क पर गिरे पत्थरों, मिट्टी और चट्टानों को हटाने का काम शुरू किया गया. यातायात को पूरी तरह रोकने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार सिंगल लाइन से वाहनों को निकालने की व्यवस्था की गई, ताकि जबलपुर और भोपाल की ओर जाने वाले यात्रियों को लंबे समय तक जाम में न फंसना पड़े.
जबलपुर से भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है. इसलिए मार्ग पर भूस्खलन की घटना के बाद जबलपुर की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों में भी चिंता बढ़ गई. विशेषकर रात के समय घाटी और जंगल वाले हिस्सों में पहाड़ से पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है.
अधिकारियों के अनुसार मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है और मार्ग को जल्द पूरी तरह सामान्य करने का प्रयास जारी है. घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ यह भी देखा जा रहा है कि पहाड़ी हिस्से से दोबारा पत्थर या मिट्टी सड़क पर न आए. बरघाटी के जंगल में हुई इस घटना ने बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही रही कि भूस्खलन के दौरान कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

