जबलपुर.स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को जबलपुर का पुलिस परेड ग्राउंड देशभक्ति, अनुशासन और विकास के संदेश से सराबोर नजर आया. तेज बारिश के बावजूद मुख्य समारोह में तिरंगा पूरे गौरव के साथ लहराया और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली. समारोह की खास बात यह रही कि इस बार स्वतंत्रता दिवस का आयोजन केवल औपचारिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासन ने जिले में पिछले ढाई वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों और उपलब्धियों को भी जनता के सामने रखा. बारिश के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रम भले ही स्थगित करने पड़े, लेकिन इससे समारोह का उत्साह कम नहीं हुआ.
मुख्य समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन से हुई. इसके बाद मुख्य अतिथि राकेश सिंह ने ध्वजारोहण किया और राष्ट्रगान के बीच तिरंगे को सलामी दी गई. पुलिस बैंड की धुन और सशस्त्र बलों के हर्ष फायर के साथ वातावरण पूरी तरह देशभक्ति से भर गया. खुले आसमान में तिरंगे रंग के गुब्बारे छोड़े गए तो परेड ग्राउंड पर मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ इस दृश्य का स्वागत किया.
ध्वजारोहण के बाद मंत्री राकेश सिंह ने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के साथ खुली जिप्सी में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया. विभिन्न सुरक्षा बलों, पुलिस, होमगार्ड, वन विभाग, एनसीसी, स्काउट-गाइड और शौर्य दल की टुकड़ियों ने कदम से कदम मिलाकर मार्च पास्ट किया. परेड में महिला पुलिस बल और छात्राओं की टुकड़ियों की भागीदारी ने महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया. परेड कमांडर रक्षित निरीक्षक जय प्रकाश आर्य और उप कमांडर सूबेदार रूमा सिरसाम के नेतृत्व में टुकड़ियों ने अनुशासन और तालमेल का प्रदर्शन किया.
मार्च पास्ट में सशस्त्र प्लाटून वर्ग में विशेष सशस्त्र बल की छठवीं वाहिनी ने पहला स्थान हासिल किया. जिला पुलिस बल पुरुष दूसरे और जिला पुलिस बल महिला तीसरे स्थान पर रही. बिना शस्त्र प्लाटून वर्ग में नेवल एनसीसी ने बाजी मारी, जबकि सीनियर डिवीजन बॉयज दूसरे और शौर्य दल तीसरे स्थान पर रहा. बेहतर प्रदर्शन करने वाली टुकड़ियों के परेड कमांडरों को मंच पर सम्मानित किया गया.
समारोह का एक महत्वपूर्ण पक्ष उन परिवारों का सम्मान रहा, जिनका संबंध देश और समाज के लिए किए गए उल्लेखनीय योगदान से रहा है. स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों और लोकतंत्र सेनानियों को शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया. अंगदान और देहदान करने वाले नागरिकों के परिजनों का भी सम्मान किया गया. इस दौरान मंत्री ने परिजनों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी. उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में योगदान देने वालों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का सीधा प्रसारण किया गया. इसके लिए पुलिस परेड ग्राउंड में चार बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं. मुख्यमंत्री के संदेश के बाद मंत्री राकेश सिंह ने जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए जबलपुर में स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया.
इस बार समारोह में बारिश ने आयोजन की तस्वीर जरूर बदली. तेज बारिश के कारण स्कूलों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हो सके. बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मंत्री के आग्रह पर प्रशासन ने कार्यक्रमों को रोकने का निर्णय लिया. हालांकि मंत्री ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए पहुंचे छात्र-छात्राओं के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साह बढ़ाया. इससे समारोह में मौजूद बच्चों का उत्साह बना रहा.
स्वतंत्रता दिवस के मंच से जबलपुर के विकास की एक अलग तस्वीर भी सामने आई. समारोह में ‘बदलते दौर का मध्यप्रदेश में जबलपुर जिले की विकास गाथा’ नामक पुस्तिका का वितरण किया गया. इसमें दिसंबर 2023 से जुलाई 2026 के बीच जिले में हुए प्रशासनिक, आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत विकास कार्यों का विवरण दिया गया है. पुस्तिका के मुताबिक जिले में इस अवधि में 6,162.78 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च की गई.
जिले के बदलते यातायात ढांचे को भी विकास की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया गया है. दमोह नाका से रानीताल, मदन महल और मेडिकल रोड तक करीब 6.855 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को शहर की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया है. इसकी लागत करीब 1,232 करोड़ रुपये बताई गई है. इसके अलावा 114 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड पर भी काम जारी है. करीब 3,540 करोड़ रुपये की इस परियोजना को शहर के बाहरी क्षेत्रों को जोड़ने और यातायात दबाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
औद्योगिक क्षेत्र में भी जिले को मिले निवेश प्रस्तावों को उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत किया गया. रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से करीब 22 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने और 29 नई औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन का उल्लेख किया गया. रक्षा निर्माण, एग्रो-प्रोसेसिंग और रेडीमेड गारमेंट जैसे क्षेत्रों को रोजगार के संभावित नए केंद्र के रूप में सामने रखा गया.
युवाओं के लिए कौशल और स्वरोजगार की योजनाओं को भी विकास पुस्तिका में प्रमुखता दी गई है. मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत 1,836 से अधिक युवाओं को अप्रेंटिसशिप से जोड़ने तथा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से 3,400 से अधिक युवा उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई. महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लाड़ली बहना योजना के तहत 3.76 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के खातों में राशि हस्तांतरित किए जाने का उल्लेख है.
कृषि क्षेत्र में जबलपुर की पहचान को मजबूत करने वाली उपलब्धियों में जबलपुरी मटर और जबलपुर सिंघाड़े को जीआई टैग मिलना भी शामिल रहा. किसानों को पीएम और सीएम किसान कल्याण योजनाओं के तहत दी गई सहायता का भी पुस्तिका में उल्लेख किया गया. वहीं स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज तथा रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से जुड़ी परियोजनाओं को जिले की प्रगति का हिस्सा बताया गया.
समारोह में जल जीवन मिशन के तहत गांवों में नल से जल पहुंचाने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण जैसी प्रशासनिक उपलब्धियों को भी सामने रखा गया. जिले में शिकायतों के निराकरण की स्थिति को सुशासन के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया गया.
मुख्य समारोह में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, सांसद आशीष दुबे, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. संभागायुक्त धनंजय सिंह, आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसपी संपत उपाध्याय और नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी समारोह में शामिल हुए.
जबलपुर के स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे अलग तस्वीर यही रही कि तेज बारिश के बावजूद तिरंगे के सम्मान, परेड के अनुशासन और देशभक्ति के उत्साह में कोई कमी नहीं आई. सांस्कृतिक कार्यक्रम भले ही मौसम की वजह से रुक गए, लेकिन विकास कार्यों की पुस्तिका के जरिए प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की कि स्वतंत्रता दिवस केवल अतीत के गौरव को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की दिशा तय करने का भी दिन है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

