जबलपुर आ रहे कंटेनर में लगी भीषण आग, सिवनी में तेज धमाकों से हाईवे पर मची भगदड़

जबलपुर आ रहे कंटेनर में लगी भीषण आग, सिवनी में तेज धमाकों से हाईवे पर मची भगदड़

प्रेषित समय :14:04:45 PM / Sun, Aug 16th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से जबलपुर की ओर आ रहे कंटेनर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर बंजारी घाटी के समीप भीषण आग की चपेट में आ गया. रविवार सुबह 8:30 बजे वाहन में आग भड़कते ही सूझबूझ दिखाते हुए चालक ने कंटेनर को तुरंत सड़क के किनारे रोका और नीचे कूदकर अपनी जिंदगी बचा ली. देखते ही देखते आग की विकराल लपटों ने पूरे मालवाहक वाहन को अपनी जद में ले लिया और चारों तरफ काला धुआं छा गया. 

इस अप्रत्याशित घटना से व्यस्त सड़क पर आवाजाही कर रहे यात्रियों और चालकों में अचानक अफरा-तफरी मच गई. मार्ग पर मौजूद लोग डरे सहमे नजर आए तथा उन्होंने तत्काल सुरक्षित फासला बना लिया ताकि कोई जनहानि न हो सके. यह हादसा अत्यंत चौंकाने वाला रहा.

धमाकों की आवाज से सहमे राहगीर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जलते हुए मालवाहक से एकाएक 2 जोरदार धमाकों जैसी आवाजें सुनाई पड़ीं. इन अप्रत्याशित धमाकों की गूंज से आसपास का इलाका दहल उठा और प्रत्यक्षदर्शी अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत पीछे की तरफ भागे. हादसे के वक्त गनीमत यह रही कि कंटेनर के ठीक अगल-बगल कोई अन्य दोपहिया या चारपहिया वाहन मौजूद नहीं था, जिससे बहुत बड़ी त्रासदी होने से बच गई. इस व्यस्त कॉरिडोर पर घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्रित हो गए. जलते वाहन और राहगीरों के जमावड़े के कारण हाईवे की एक लेन पूरी तरह बंद हो गई, जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों मुसाफिर फंस गए.

दमकल ने पाया आग पर काबू

घटना की खबर मिलते ही पुलिस दल और दमकल विभाग की राहत टीम तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंची. अग्निशमन कर्मियों ने बिना देर किए लगातार पानी की बौछारें डालकर विकराल लपटों को शांत करने का सघन अभियान शुरू किया. काफी प्रयासों के पश्चात आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया और मार्ग से क्षतिग्रस्त गाड़ी को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई. इस हादसे में वाहन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है. शुरुआती अनुमान के अनुसार इंजन में आई किसी आंतरिक तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण यह आग भड़की. पुलिस विभाग ने घटना दर्ज कर ली है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से जांच की जा रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-