पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव फंदे से लटका मिला, सुसाइड नोट बरामद

पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव फंदे से लटका मिला, सुसाइड नोट बरामद

प्रेषित समय :12:11:06 PM / Sun, Aug 16th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रामपुरहाट. पश्चिम बंगाल में टीएमसी के पूर्व विधायक और डिप्टी स्पीकर रहे आशीष बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का बड़ा मामला सामने आया है. उनका शव रविवार सुबह उनके घर के पास बने पार्टी दफ्तर में फंदे से लटका हुआ मिला. कहा जा रहा है कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है.

रामपुरहाट से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व डिप्टी स्पीकर/मंत्री आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह उनके घर के पास बने पार्टी ऑफिस में फंदे से लटका हुआ मिला. साथ ही, एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. इस खबर से इलाके में सनसनी फैल गई. घटना की सूचना पाकर तुंरत पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.

परिवार के सूत्रों के मुताबिक आशीष रात को सोने के लिए जाने से पहले अपने परिवार वालों से बातचीत कर रहे थे. सुबह उठने पर परिवार वालों और पड़ोसियों ने देखा कि घर के बगल में बने ऑफिस का दरवाजा बंद था. खिड़की की दरार से झांकने पर उन्हें किसी अनहोनी का एहसास हुआ. तुरंत इसकी सूचना रामपुरहाट पुलिस स्टेशन को सूचना दी गई. अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि सुसाइड नोट में क्या लिखा हुआ था. पुलिस सभी दृष्टिकोणों से घटना की जांच में जुट गई है.

वरिष्ठ टीएमसी नेता आशीष बनर्जी ने 2001 से 2026 तक लगातार राज्य विधानसभा में रामपुरहाट का प्रतिनिधित्व किया था. उन्होंने विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के तौर पर काम किया था और ममता बनर्जी सरकार में स्कूल शिक्षा और कृषि जैसे मंत्रालयों का कामकाज संभाला था.

उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर रामपुरहाट से चुनाव लड़ा था, लेकिन बीजेपी के ध्रुव साहा से 24,000 से ज़्यादा वोटों से हार गए थे. पार्टी सूत्रों ने बताया कि चुनाव में हार के बाद बनर्जी राजनीति में ज़्यादा सक्रिय नहीं दिखे.

बीरभूम में पार्टी के कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल के जिला अध्यक्ष रहते हुए बनर्जी एक प्रमुख टीएमसी नेता थे. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इस साल हुए विधानसभा चुनावों में टीएमसी की हार और उसके 15 साल के शासन के खत्म होने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है.

टीएमसी के कई पूर्व विधायकों और नेताओं को भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच और गिरफ़्तारी का सामना करना पड़ा. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या बनर्जी ने आत्महत्या की और अगर ऐसा है, तो उन्हें यह कदम उठाने के लिए किस चीज ने मजबूर किया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कथित नोट में लिखी बातों से उनकी मौत के हालात के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-