जेपीएससी कथित धांधली मामले में बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी पांच दिन की रिमांड पर दो नए अभियुक्त गिरफ्तार

जेपीएससी कथित धांधली मामले में बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी पांच दिन की रिमांड पर दो नए अभियुक्त गिरफ्तार

प्रेषित समय :22:02:55 PM / Tue, Aug 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अनिल मिश्र/रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है. जांच के क्रम में पहले से गिरफ्तार तीन अभियुक्तों को आगे की पूछताछ के लिए पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है. वहीं, सीआईडी ने एक अन्य अनुसंधानित मामले में कार्रवाई करते हुए दो नए अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया है. दोनों से पूछताछ जारी है.

झारखंड में जेपीएससी की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर दर्ज सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 की जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई है. जांच एजेंसी ने पूर्व में गिरफ्तार किए गए तीन अभियुक्तों को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया है. रिमांड पर लिए गए आरोपियों में मनोज कुमार, रौशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव शामिल हैं. तीनों को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है.

सीआईडी की ओर से की जा रही पूछताछ में मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितताओं का स्वरूप क्या था, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मामलों में किसी तरह की मिलीभगत या अन्य अनियमितता हुई थी या नहीं. रिमांड के दौरान आरोपियों से मामले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने का प्रयास किया जाएगा.

इसी जांच से जुड़े एक अन्य अनुसंधानित कांड संख्या 01/25, दिनांक 1 जनवरी 2025 में भी सीआईडी ने कार्रवाई की है. इस मामले में जांच एजेंसी ने अक्षय कुमार तिवारी और सुषमा कुमारी को गिरफ्तार किया है. दोनों की गिरफ्तारी के बाद उनसे भी पूछताछ की जा रही है.

गिरफ्तार अक्षय कुमार तिवारी के पिता का नाम सुखदेव तिवारी बताया गया है. वह देवघर जिले के मार्गोमुंडा थाना क्षेत्र के कोदारकोसा गांव के निवासी हैं. उनका डाकघर बाराचर्पा बताया गया है. वहीं दूसरी गिरफ्तार आरोपी सुषमा कुमारी के पिता का नाम विकास पांडेय है. वह गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के हथगरा गांव की निवासी हैं और उनका डाकघर बडोरा बताया गया है.

सीआईडी की इस कार्रवाई के बाद जेपीएससी से संबंधित कथित अनियमितताओं की जांच में नए सिरे से तेजी आने की संभावना है. जांच एजेंसी पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ नए गिरफ्तार अभियुक्तों से भी मामले से जुड़ी जानकारी जुटा रही है. एजेंसी की जांच का उद्देश्य कथित अनियमितताओं की पूरी कड़ी और उसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाना है.

मामले में तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिए जाने को जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पुलिस रिमांड के दौरान जांच एजेंसी आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ करने के साथ मामले से जुड़े दस्तावेजों, संपर्कों और अन्य संभावित तथ्यों के बारे में जानकारी हासिल कर सकती है. हालांकि, जांच पूरी होने और सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी.

जेपीएससी की प्रतियोगी परीक्षाएं राज्य में सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच का असर अभ्यर्थियों और परीक्षा व्यवस्था पर भी पड़ता है. सीआईडी की मौजूदा कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर तथ्यों को खंगाल रही है.

फिलहाल तीन पूर्व गिरफ्तार अभियुक्त पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि अक्षय कुमार तिवारी और सुषमा कुमारी को गिरफ्तार किए जाने के बाद उनसे पूछताछ जारी है. सीआईडी की आगे की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित जेपीएससी अनियमितताओं में इन आरोपियों की क्या भूमिका रही और मामले में अन्य कौन-कौन से लोग जांच के दायरे में आ सकते हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-