नई दिल्ली. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का कार्य अब परामर्श और राज्यों के दौरों के महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है. आयोग ने देश भर के केंद्रीय कर्मचारी संघों, पेंशनर्स एसोसिएशनों और विभागीय संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए अगस्त और सितंबर 2026 के महीनों में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आधिकारिक दौरों का कार्यक्रम तय किया है.
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह आयोग लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन नियमों की समीक्षा कर रहा है.
राज्यों के दौरों की समय-सारणी और मुलाकात की अंतिम तिथियां
आयोग द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, विभिन्न शहरों में परामर्श बैठकें आयोजित की जाएंगी. इन बैठकों में भाग लेने के लिए इच्छुक प्रतिनिधिमंडलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपॉइंटमेंट दर्ज करना होगा.
स्थान / शहर दौरे की निर्धारित तिथियां अपॉइंटमेंट आवेदन की अंतिम तिथि
जयपुर 31 अगस्त – 1 सितंबर 2026 18 अगस्त 2026
चेन्नई 7 – 8 सितंबर 2026 18 अगस्त 2026
पुडुचेरी 9 सितंबर 2026 18 अगस्त 2026
चंडीगढ़ 16 – 18 सितंबर 2026 25 अगस्त 2026
नोट: इसके अलावा आयोग की टीम मुंबई में सेंट्रल रेलवे (ष्टक्र) जोन के विभागों का दौरा कर रेलकर्मियों के कामकाजी हालात और जमीनी परिस्थितियों का भी प्रत्यक्ष जायजा लेगी, जिसकी तिथियां अलग से अधिसूचित की जाएंगी.
परामर्श के प्रमुख मुद्दे और कर्मचारियों की उम्मीदें
यद्यपि आयोग ने इन दौरों के लिए कोई पृथक एजेंडा जारी नहीं किया है, लेकिन बैठकों में कर्मचारी संगठनों द्वारा ज्ञापनों में उठाए गए प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा होगी:
वेतन और भत्तों का पुनर्गठन: कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर, मूल वेतन में तर्कसंगत वृद्धि, हाउस रेंट अलाउंस (॥क्र्र) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस की दरों में बदलाव.
पेंशन सुरक्षा व सुधार: सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन में समानता, न्यूनतम पेंशन की सीमा में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा के प्रावधान.
कार्य परिस्थितियां और सेवा शतेंर्: कार्यस्थल की परिस्थितियों में सुधार, पदोन्नति के अवसर और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने वाले उपायों पर विचार.
सिफारिशों और क्रियान्वयन की समय-सीमा
8वें वेतन आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने के लिए मई 2027 तक का समय दिया गया है. विश्लेषकों का मानना है कि 2027 में रिपोर्ट पेश होने और सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद नए वेतनमान तथा भत्तों को पूर्ण रूप से लागू होने में दो से तीन साल का समय लग सकता है, जिससे इसका अंतिम प्रभाव 2029 या 2030 तक दिखने की संभावना है. हालांकि, सिफारिशें लागू होने पर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 1 जनवरी 2026 की संदर्भ तिथि से एरियर (बकाया राशि) का भुगतान किए जाने का अनुमान है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

