जबलपुर मेडिकल कॉलेज में पांच कर्मचारियों ने हड़पे 1.63 करोड़ रुपए, पांच पर एफआईआर, तीन गिरफ्तार, दो फरार

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में पांच कर्मचारियों ने हड़पे 1.63 करोड़ रुपए, पांच पर एफआईआर, तीन गिरफ्तार, दो फरार

प्रेषित समय :16:36:37 PM / Wed, Aug 19th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में अप्रैल 2020 से नवंबर 2025 के बीच 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार 456 रुपए की शासकीय राशि का हिसाब नहीं मिलने का मामला सामने आया है. मेडिकल कॉलेग के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना की शिकायत पर गढ़ा थाना पुलिस ने कैश शाखा में पदस्थ रहे 5 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. जांच में मरीजों की फीस, आईपीडी-ओपीडी और अन्य मदों से मिली नकद राशि तथा बैंक में जमा रकम में अंतर मिला था. पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है.

यह गबन छात्रों की फीस और अस्पताल के इनपेशेंट डिपार्टमेंट व ओपडी (आउटपेशेंट डिपार्टमेंट) से प्राप्त राजस्व में किया गया. मिली नकद राशि और बैंक में जमा रकम में अंतर मिलने पर प्रशासकीय अधिकारी को वित्तीय गड़बड़ी का संदेह हुआ. आरोपी मरीजों या छात्रों से पैसे लेकर आधिकारिक रसीद देते थे, लेकिन उस राशि का एक बड़ा हिस्सा बैंक खाते में जमा नहीं करते थे. यह फर्जीवाड़ा लगातार पांच सालों तक चलता रहा और कैश सेक्शन के कर्मचारी सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाते रहे.

विशेष जांच कमेटी का गठन-

घोटाले का खुलासा होने पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया था. कमेटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट में वित्तीय घोटाले की पुष्टि होने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को आवश्यक दस्तावेज सौंपे. पुलिस ने मनोहर केवट, भानु सिंह शाक्यवार और अरविंद धुर्वे को गिरफ्तार किया है. साधना चंद्रोल और विशाल सराठे की तलाश अभी जारी है. इसके बाद एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया. समिति ने मनी रसीद बुक (रूक्रक्च) से प्राप्त रकम का कॉलेज के अधिकृत मरीज और फीस खातों में जमा राशि से मिलान किया. जांच में सामने आया कि कुल 1,63,78,456 रुपए की शासकीय राशि बैंक खातों में जमा नहीं की गई थी.

इनके खिलाफ दर्ज की गई है एफआइआर-

पुलिस के अनुसार मनोहर केवट (स्टोर कीपर/पूर्व कैशियर), साधना चंद्रौल (सहायक ग्रेड-2/कैशियर), भानू सिंह शाक्यवार (सहायक ग्रेड-3), अरविन्द धुर्वे (स्टेनो टाइपिस्ट/कैशियर प्रभारी) व विशाल सराठे (सहायक ग्रेड-3) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (4), 316 (5) व 61(2) के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-