चंडीगढ़. पंजाब में आम आदमी पार्टी को गुरुवार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब रामपुरा फूल से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय पदाधिकारियों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया. कांग्रेस के महासचिव एवं पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इन नेताओं का पार्टी में स्वागत किया. कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं ने आम आदमी पार्टी पर पंजाब और पंजाबियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार के कामकाज से लोगों में निराशा बढ़ रही है.
रामपुरा फूल क्षेत्र के इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है. कांग्रेस नेताओं ने इस मौके को आम आदमी पार्टी के प्रति बढ़ती नाराजगी का संकेत बताया. भूपेश बघेल ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े कई नेताओं का कांग्रेस में आना इस बात का संकेत है कि पंजाब के लोगों का सरकार से मोहभंग हो रहा है और वे अब कांग्रेस की ओर उम्मीद से देख रहे हैं.
बघेल ने कहा कि पंजाब की जनता ऐसी सरकार चाहती है जो राज्य और पंजाबियों के हितों को प्राथमिकता दे. उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के प्रति लोगों में निराशा बढ़ रही है और आने वाले समय में पार्टी के कई और नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. उनके मुताबिक, रामपुरा फूल के नेताओं का कांग्रेस में आना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक समर्थन है और इससे जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती मिलेगी.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कांग्रेस में शामिल होना राजनीतिक स्थिति में बदलाव का संकेत है. उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी अब सत्ता से बाहर होने की दिशा में बढ़ रही है, जबकि कांग्रेस राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत कर रही है. वड़िंग ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से पार्टी संगठन को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा.
कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में मनजीत सिंह सिद्धू का नाम शामिल है. सिद्धू वर्ष 2017 में रामपुरा फूल विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं. उस चुनाव में उन्हें 30 हजार से अधिक वोट मिले थे. उनके साथ मनजीत सिंह, गोल्डी वर्मा, निनी बंसल, सुरेश बहिया और कई अन्य स्थानीय नेता भी कांग्रेस में शामिल हुए.
गोल्डी वर्मा रामपुरा फूल के सिटी अध्यक्ष रह चुके हैं. वहीं निनी बंसल और सुरेश बहिया रामपुरा फूल नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं. नगर पार्षद सतीश कुमार के अलावा नीरज चौधरी, नीरज सिंगला, रामनिंदर सिंह, लड्डी संधू और मनप्रीत भुल्लर ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की. इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से रामपुरा फूल क्षेत्र में पार्टी के स्थानीय संगठन को राजनीतिक रूप से मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं के अनुभव का लाभ संगठन को मिलेगा. खासतौर पर स्थानीय निकाय और विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे नेताओं के कांग्रेस में आने से जमीनी स्तर पर पार्टी की पहुंच बढ़ सकती है. पार्टी का प्रयास अब इन नेताओं के जरिए स्थानीय कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाने का होगा.
रामपुरा फूल पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है. यहां स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दलों के संगठन और नेताओं की सक्रियता का चुनावी समीकरणों पर असर पड़ता है. ऐसे में आम आदमी पार्टी के कई पुराने और वरिष्ठ नेताओं का एक साथ कांग्रेस में जाना दोनों दलों के लिए राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि इन नेताओं के कांग्रेस में आने का वास्तविक चुनावी प्रभाव आगामी चुनावों में ही स्पष्ट होगा.
इस घटनाक्रम पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ राजनीतिक हमला भी तेज कर दिया है. भूपेश बघेल ने कहा कि जिस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अब उसे छोड़कर कांग्रेस में आ रहे हैं, उससे यह साफ होता है कि राज्य में राजनीतिक बदलाव की जमीन तैयार हो रही है. उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जिसमें राज्य के हितों और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता मिले.
वहीं राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस को मिलने वाला हर नया समर्थन पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाता है. उन्होंने कहा कि नए नेताओं और कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को पंजाब के बेहतर और समृद्ध भविष्य के लिए काम करने की नई ऊर्जा मिलती है. उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया.
कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं ने आम आदमी पार्टी छोड़ने के पीछे मुख्य रूप से सरकार के कामकाज और लोगों की उम्मीदों से जुड़े मुद्दों का हवाला दिया. उनका कहना है कि पंजाब के लोगों ने जिन उम्मीदों के साथ आम आदमी पार्टी को सत्ता में पहुंचाया था, वे पूरी नहीं हुईं. इसी असंतोष के कारण उन्होंने कांग्रेस के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है.
हालांकि आम आदमी पार्टी की ओर से इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट होगी. कांग्रेस जहां इसे आप सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष के रूप में पेश कर रही है, वहीं सत्तारूढ़ दल इस तरह के दल-बदल को स्थानीय राजनीति तक सीमित घटनाक्रम बता सकता है. पंजाब की राजनीति में नेताओं के दल बदलने का इतिहास रहा है और इसका प्रभाव कई बार चुनाव के समय ही दिखाई देता है.
फिलहाल रामपुरा फूल में हुए इस राजनीतिक बदलाव ने पंजाब कांग्रेस को उत्साहित कर दिया है. एक साथ कई वरिष्ठ स्थानीय नेताओं के पार्टी में शामिल होने से कांग्रेस को संगठनात्मक स्तर पर लाभ मिलने की उम्मीद है. दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के लिए यह चुनौती है कि वह अपने स्थानीय संगठन को एकजुट रखे और नेताओं के बीच बढ़ती नाराजगी की संभावनाओं को दूर करे.
गुरुवार का घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि कांग्रेस आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है. रामपुरा फूल के नेताओं के कांग्रेस में आने से पार्टी ने इसे केवल सदस्यता अभियान नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीति में बदलते माहौल का संकेत बताया है. आने वाले दिनों में यदि आप के और नेता कांग्रेस का रुख करते हैं तो इसका राजनीतिक महत्व और बढ़ सकता है. फिलहाल दोनों दलों की नजरें अब इस घटनाक्रम के स्थानीय और व्यापक राजनीतिक असर पर टिकी हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

