कुलदीप पर टीम इंडिया का भरोसा कायम, मानव सुथार के धमाकेदार प्रदर्शन के बीच बहुतुले ने साफ किया प्लान

कुलदीप पर टीम इंडिया का भरोसा कायम, मानव सुथार के धमाकेदार प्रदर्शन के बीच बहुतुले ने साफ किया प्लान

प्रेषित समय :22:46:52 PM / Fri, Aug 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

कोलंबो. श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाने के बावजूद कुलदीप यादव को लेकर भारतीय टीम प्रबंधन ने अपना भरोसा कायम रखा है. दूसरे टेस्ट से पहले भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने स्पष्ट किया कि बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर अभी भी टीम की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और केवल एक मैच के प्रदर्शन के आधार पर उनकी क्षमता या टीम में भूमिका पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा. बहुतुले का यह बयान ऐसे समय आया है जब गॉल टेस्ट में कुलदीप के सीमित प्रभाव और मानव सुथार के शानदार प्रदर्शन ने भारतीय स्पिन आक्रमण में चयन की बहस को तेज कर दिया है.

पहले टेस्ट में कुलदीप दोनों पारियों को मिलाकर 25 ओवर ही कर सके और उन्हें केवल एक विकेट मिला. इसके उलट मानव सुथार ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा. सुथार ने मैच में 10 विकेट हासिल किए और भारत की 165 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई. दूसरी पारी में उनके छह विकेट ने श्रीलंका की पारी को 206 रन पर समेटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. आधिकारिक स्कोर के अनुसार कुलदीप ने दूसरी पारी में 11 ओवर में 38 रन दिए, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला, जबकि सुथार ने 23.4 ओवर में 55 रन देकर छह विकेट झटके.

इसी प्रदर्शन के बाद स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठने लगा कि क्या कोलंबो में होने वाले दूसरे टेस्ट में टीम प्रबंधन कुलदीप की जगह किसी अन्य विकल्प को प्राथमिकता देगा. लेकिन बहुतुले ने इस तरह की अटकलों को फिलहाल विराम देते हुए कहा कि कुलदीप की उपयोगिता केवल आंकड़ों से नहीं आंकी जा सकती. उनके मुताबिक गॉल में परिस्थितियों ने कुलदीप की भूमिका को अलग बना दिया था और उन्हें पिच तथा गेंद की स्थिति के अनुरूप अपनी गेंदबाजी में बदलाव करना पड़ा.

बहुतुले ने विशेष रूप से कूकाबुरा गेंद के नरम पड़ने को कलाई के स्पिनरों के लिए चुनौती बताया. उनका कहना था कि जब गेंद पुरानी होकर नरम हो जाती है तो उंगलियों से गेंदबाजी करने वाले स्पिनरों के लिए गति और नियंत्रण में बदलाव करना अपेक्षाकृत आसान रहता है, जबकि कलाई के स्पिनरों को गेंद से पर्याप्त टर्न और उछाल हासिल करने में अधिक परेशानी हो सकती है. गॉल में जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, पिच भी धीमी होती गई और गेंदबाजों को अपनी गति तथा गेंद की ऊंचाई में बदलाव करना पड़ा.

यही परिस्थितियां कुलदीप के प्रदर्शन को समझने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं. कलाई के स्पिनर के रूप में उनकी सबसे बड़ी ताकत गेंद को अलग-अलग कोण और विविधता के साथ घुमाना है, लेकिन धीमी पिच और नरम गेंद में उस विविधता का प्रभाव अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सका. बहुतुले ने इसी संदर्भ में कहा कि एक मैच किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन और उसकी वास्तविक क्षमता का पूरा आकलन नहीं हो सकता. उनके अनुसार कुलदीप ने परिस्थितियों के हिसाब से अपनी भूमिका निभाने की कोशिश की.

भारतीय टीम के लिए राहत की बात यह भी है कि स्पिन विभाग में विकल्पों की कमी नहीं है. रवींद्र जडेजा का अनुभव पहले से टीम की बड़ी ताकत है, जबकि मानव सुथार ने गॉल में अपने प्रदर्शन से चयन की बहस को और दिलचस्प बना दिया है. अभ्यास मैच में भी टीम प्रबंधन ने चार स्पिन विकल्पों—जडेजा, कुलदीप, सुथार और सारांश जैन—को अलग-अलग परिस्थितियों में परखा था. इससे संकेत मिलता है कि टीम के पास परिस्थितियों के अनुसार संयोजन बदलने के पर्याप्त विकल्प हैं.

मानव सुथार का प्रदर्शन हालांकि इस समय सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू बनकर सामने आया है. गॉल टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट लेकर कुल 10 विकेट अपने नाम किए. उनकी सटीक लाइन-लेंथ और लगातार एक ही क्षेत्र में गेंद डालने की क्षमता ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को दबाव में रखा. भारतीय कप्तान शुभमन गिल भी सुथार के प्रदर्शन की सराहना कर चुके हैं और उन्हें टीम के लिए लंबी अवधि की संभावना के रूप में देखा गया है.

सुथार की सफलता का एक और पहलू उनकी गेंद में आया टर्न रहा. गॉल टेस्ट में उनके प्रदर्शन ने दिखाया कि परिस्थितियों का सही इस्तेमाल करने वाला गेंदबाज किस तरह बल्लेबाजों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पहली पारी में सुथार की गेंदों ने अन्य प्रमुख स्पिनरों की तुलना में अधिक बड़ा टर्न हासिल किया. इससे उनके आत्मविश्वास और टीम में उनकी स्थिति को निश्चित रूप से मजबूती मिली है.

इसके बावजूद कुलदीप को टीम से बाहर मान लेना जल्दबाजी होगी. भारतीय टीम ने श्रीलंका दौरे के लिए घोषित मूल टेस्ट दल में कुलदीप और सुथार दोनों को शामिल किया था. दो टेस्ट की यह श्रृंखला 15 से 19 अगस्त तक गॉल और 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो में खेली जानी है.

दूसरे टेस्ट की परिस्थितियां इसलिए भी अहम होंगी क्योंकि कोलंबो की पिच पर गेंदबाजों को किस तरह की मदद मिलती है, इससे अंतिम संयोजन प्रभावित हो सकता है. यदि पिच कलाई के स्पिनर के लिए अधिक अनुकूल रहती है तो कुलदीप की विविधता टीम के लिए महत्वपूर्ण हथियार बन सकती है. दूसरी ओर यदि परिस्थितियां सटीकता और लगातार एक ही लाइन पर गेंदबाजी की मांग करती हैं तो सुथार की मौजूदा फॉर्म उन्हें मजबूत दावेदार बनाए रख सकती है.

बहुतुले के बयान का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि भारतीय टीम कुलदीप के एक कमजोर मैच को उनकी क्षमता का अंतिम पैमाना नहीं मान रही. टीम प्रबंधन उनके अनुभव और कलाई की स्पिन से मिलने वाली विविधता को अभी भी महत्व देता है. अभ्यास मैच से पहले भी बहुतुले ने चारों स्पिनरों की अलग-अलग खूबियों को रेखांकित किया था और कुलदीप को टीम में विविधता देने वाला गेंदबाज बताया था.

भारत पहले टेस्ट में 165 रन से जीत दर्ज कर दो मैचों की श्रृंखला में 1-0 से आगे है. ऐसे में कोलंबो में होने वाला दूसरा टेस्ट श्रृंखला का निर्णायक मुकाबला होगा. गॉल में सुथार के 10 विकेट और कुलदीप के सीमित प्रभाव ने भारतीय स्पिन आक्रमण के भीतर प्रतिस्पर्धा जरूर बढ़ा दी है, लेकिन बहुतुले का बयान यह संकेत देता है कि टीम प्रबंधन किसी एक मैच के आधार पर अपने विकल्पों को तय नहीं कर रहा.

अब निगाहें कोलंबो की पिच और अंतिम एकादश पर होंगी. कुलदीप के लिए चुनौती खुद को परिस्थितियों के मुताबिक प्रभावी साबित करने की होगी, जबकि सुथार के सामने गॉल के प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती होगी. भारतीय टीम के लिए यह स्थिति परेशानी से ज्यादा एक मजबूत विकल्प की स्थिति है—जहां अनुभवी जडेजा, विविधता देने वाले कुलदीप और शानदार लय में चल रहे सुथार के बीच संतुलन बनाना टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ा चयन प्रश्न होगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-