भारत से हार के बाद भी गैरी कर्स्टन को श्रीलंका के टेस्ट भविष्य पर भरोसा, बोले टीम अब आकार ले रही

भारत से हार के बाद भी गैरी कर्स्टन को श्रीलंका के टेस्ट भविष्य पर भरोसा, बोले टीम अब आकार ले रही

प्रेषित समय :22:08:25 PM / Wed, Aug 19th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

गाले. भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में 165 रन की हार के बावजूद श्रीलंका के मुख्य कोच गैरी कर्स्टन ने टीम के भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख जताया है. गाले में पांचवें दिन श्रीलंका की दूसरी पारी 206 रन पर सिमटने के बाद भारत ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली, लेकिन कर्स्टन का मानना है कि लगातार टेस्ट क्रिकेट खेलने के अवसर मिलने से श्रीलंकाई टीम में स्थिरता और मैच की परिस्थितियों को समझने की क्षमता विकसित होगी.

कर्स्टन के मुताबिक श्रीलंका की मौजूदा चुनौती प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के पर्याप्त अवसर नहीं मिलना है. उन्होंने कहा कि टीम ने पिछले कुछ महीनों में बहुत कम टेस्ट खेले हैं और इसी वजह से खिलाड़ियों के लिए इस प्रारूप की मांगों को लगातार समझना मुश्किल रहा है. गाले टेस्ट को उन्होंने टीम के विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बताया. उनके अनुसार टीम में अब एक ढांचा बनता दिखाई दे रहा है, लेकिन उसे लगातार प्रदर्शन में बदलना अभी बाकी है.

भारत के खिलाफ मुकाबले में श्रीलंका की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी रही. पहली पारी में टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवाए और एक समय पांच विकेट पर 90 रन की स्थिति में पहुंच गई थी. बाद में सोनल दिनुषा के शतक की मदद से श्रीलंका ने वापसी की और पहली पारी में 284 रन तक पहुंचा. हालांकि दूसरी पारी में भी शुरुआती झटकों से टीम उबर नहीं सकी और 372 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 206 रन पर ऑलआउट हो गई.

कर्स्टन ने हार के कारणों का आकलन करते हुए गेंदबाजों के प्रदर्शन को सकारात्मक पक्ष बताया. उनका कहना था कि श्रीलंकाई गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी को दबाव में रखा और लगभग 50 ओवर के भीतर 10 विकेट हासिल किए. उनके अनुसार यदि कुछ कैच हाथ से नहीं छूटते तो भारत की बढ़त और कम हो सकती थी और मैच का समीकरण भी बदल सकता था. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि दोनों पारियों में शीर्ष क्रम के जल्दी बिखरने ने टीम को नुकसान पहुंचाया.

भारत की पहली पारी में देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन और केएल राहुल ने 82 रन बनाकर बड़ा स्कोर खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके जवाब में श्रीलंका के सोनल दिनुषा ने पहली पारी में शतक जमाया और दूसरी पारी में भी 84 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली. कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने दूसरी पारी में 59 रन बनाए, लेकिन ये प्रयास श्रीलंका को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं रहे.

भारत की जीत के सबसे बड़े नायकों में युवा स्पिनर मानव सुथार रहे. उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए. पहली पारी में चार विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में छह विकेट लेकर उन्होंने श्रीलंका की बल्लेबाजी को समेट दिया. यह प्रदर्शन उनके टेस्ट करियर के शुरुआती दौर में ही महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया और भारत को मुश्किल परिस्थितियों में निर्णायक बढ़त दिलाई.

कर्स्टन का मानना है कि श्रीलंका के लिए आने वाला टेस्ट कार्यक्रम इस कमी को दूर करने का अवसर दे सकता है. उन्होंने बताया कि टीम को अगले छह महीनों में करीब छह और टेस्ट खेलने हैं. इससे खिलाड़ियों को लंबे समय तक बल्लेबाजी करने, लगातार विकेट लेने और मैच के अलग-अलग चरणों में परिस्थितियों के अनुसार खेलने का अनुभव मिलेगा. उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में निरंतरता केवल अभ्यास से नहीं बल्कि लगातार मुकाबले खेलने से आती है.

श्रीलंका के लिए अगली चुनौती भी आसान नहीं होगी. सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा. इसके बाद टीम को पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के दौरों पर जाना है. अगले वर्ष दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी दो टेस्ट की घरेलू सीरीज प्रस्तावित है. ऐसे में श्रीलंकाई टीम के पास लंबे प्रारूप में अपनी कमियों को सुधारने के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद रहेंगे.

कर्स्टन ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि टेस्ट टीम तैयार करने के लिए गेंदबाजी में भी निरंतरता जरूरी है. उनके मुताबिक श्रीलंका को ऐसी गेंदबाजी इकाई विकसित करनी होगी जो तेज गेंदबाजी और स्पिन दोनों के माध्यम से नियमित रूप से 20 विकेट हासिल कर सके. इसी तरह बल्लेबाजों को लंबी पारियां खेलने और मैच पर लंबे समय तक प्रभाव डालने की क्षमता विकसित करनी होगी.

गाले में मिली हार ने श्रीलंका की कमजोरियों को जरूर उजागर किया है, लेकिन कर्स्टन इसे टीम के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में एक पड़ाव के रूप में देख रहे हैं. भारत के खिलाफ अगला टेस्ट श्रीलंका के लिए सिर्फ सीरीज बराबर करने का मौका नहीं होगा, बल्कि यह देखने का अवसर भी होगा कि टीम ने पहले मुकाबले से कितनी जल्दी सबक लिया है. उनके सकारात्मक बयान से साफ है कि श्रीलंका की नजर तत्काल परिणाम से आगे एक ऐसी टेस्ट टीम तैयार करने पर है जो नियमित रूप से पांच दिन तक मुकाबला करने और जीत के लिए 20 विकेट लेने की क्षमता रखे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-