भोपाल. मध्यप्रदेश की बहुप्रतीक्षित रामगंजमंडी-भोपाल नई रेल लाइन परियोजना के तहत ब्यावरा-सोनकच्छ के बीच निर्मित 24.5 किलोमीटर लंबा रेलखंड अब यात्री ट्रेनों के संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है. मुंबई से आए रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने दो दिवसीय निरीक्षण के बाद इस ट्रैक को ओके करार दिया है.
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन
शुक्रवार को ब्यावरा स्टेशन से सोनकच्छ के बीच 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से ट्रेन दौड़ाकर सफल स्पीड ट्रायल किया गया. इस दौरान ट्रेन जैसे ही नेशनल हाईवे फोरलेन पर बने रेलवे ब्रिज से 120 की स्पीड में गुजरी, मौके पर मौजूद अधिकारियों और ग्रामीणों ने तालियां बजाकर खुशी जताई. अब इस नए रेलखंड पर यात्री और मालगाडिय़ों के संचालन के लिए अंतिम औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है.
छोटी-मोटी कमियों को तुरंत सुधारने के निर्देश
दो दिवसीय निरीक्षण के दौरान सीआरएस टीम ने शुक्रवार सुबह 11 बजे सोनकच्छ की ओर से मोटर ट्रॉली के जरिए नए रेलखंड का सघन जायजा लिया. इसके बाद दोपहर करीब 3:35 बजे टीम ब्यावरा स्टेशन पहुंची, जहां से 120 की रफ्तार से स्पीड ट्रायल शुरू हुआ. जांच दल ने ट्रैक, 4 बड़े व 53 छोटे पुल-पुलियाओं, पीपलहेला हॉल्ट स्टेशन, समपार फाटकों, सिग्नलिंग, दूरसंचार व्यवस्था और स्टेशन यार्ड की तकनीकी बारीकियों को परखा. निरीक्षण में मिली कुछ छोटी-मोटी कमियों को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए हैं.
276 में से 226 किमी ट्रैक तैयार
276 किलोमीटर लंबी रामगंजमंडी-भोपाल परियोजना में से अब तक करीब 226 किलोमीटर का ट्रैक तैयार हो चुका है. भोपाल मंडल के अंतर्गत आने वाले 111 किलोमीटर के हिस्से में से 80 किलोमीटर का ट्रैक ब्यावरा-सोनकच्छ सीआरएस के साथ तैयार हो गया है. अब भोपाल मंडल में सिर्फ सोनकच्छ से कुरावर के बीच का काम शेष है. वहीं दूसरी तरफ, कोटा मंडल के 165 किलोमीटर हिस्से में से 146 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है, जहां रामगंजमंडी से राजगढ़ तक पहले ही सीआरएस हो चुका है. कोटा मंडल में केवल राजगढ़ से ब्यावरा के बीच का हिस्सा बाकी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

