इंदौर में रील के लिए चौराहे पर जान जोखिम में डालकर लेटी युवती, पुलिस ने शुरू की जांच

इंदौर में रील के लिए चौराहे पर जान जोखिम में डालकर लेटी युवती, पुलिस ने शुरू की जांच

प्रेषित समय :16:58:00 PM / Sat, Aug 22nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इंदौर. इंटरनेट मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ अब सड़क सुरक्षा के लिए भी चुनौती बनती जा रही है. इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में सामने आए एक वायरल वीडियो ने इसी चिंता को फिर सामने ला दिया है. वीडियो में एक युवती व्यस्त चौराहे पर वाहनों के बीच जेब्रा क्रासिंग पर लेटकर फोटो और वीडियो शूट करवाती नजर आ रही है. यातायात सिग्नल पर वाहन रुके तो युवती उनके आगे पहुंच गई और सड़क को ही फोटोशूट का मंच बना लिया. इस दौरान वहां मौजूद वाहन चालक भी कुछ देर तक तमाशा देखते रहे, जिससे यातायात की रफ्तार प्रभावित हुई और वाहनों की कतार लग गई.

वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और यातायात विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है. अधिकारियों ने युवती की पहचान कराने और वीडियो की वास्तविकता की जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक सड़क पर इस तरह का प्रदर्शन न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है.

वीडियो में दिखाई दे रहा है कि सिग्नल पर वाहन रुकने के बाद युवती सड़क के बीच जेब्रा क्रासिंग के पास पहुंचती है और लेटकर कैमरे के सामने अलग-अलग अंदाज में पोज देती है. आसपास मौजूद लोग और वाहन चालक इस पूरे घटनाक्रम को देखते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो शूट के दौरान यातायात सामान्य रूप से संचालित होने के बजाय कुछ समय के लिए लोगों का ध्यान युवती की गतिविधि पर केंद्रित हो गया. इससे चौराहे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बनी.

पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली युवती की पहचान प्रकृति गौर के रूप में सामने आई है. उसके इंटरनेट मीडिया खाते पर करीब आठ हजार अनुयायी बताए जा रहे हैं. हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया था. इसी कारण पुलिस वायरल सामग्री की पुष्टि के साथ-साथ घटनास्थल और वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों की भी जांच कर रही है.

अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि इस तरह वीडियो बनाना उचित नहीं है. यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाली गतिविधि को केवल मनोरंजन या इंटरनेट मीडिया सामग्री बनाने के नाम पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की बात कही है.

यातायात विभाग के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विक्रम रघुवंशी के अनुसार वायरल वीडियो विभाग के संज्ञान में आया है और इसे अपराध शाखा को जांच के लिए दिया गया है. पुलिस वीडियो में दिखाई दे रही युवती की पहचान और उसके द्वारा किए गए कृत्य की परिस्थितियों का पता लगा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

इस मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि वीडियो किसी सुनसान स्थान पर नहीं, बल्कि सार्वजनिक चौराहे पर बनाया गया. जेब्रा क्रासिंग का उद्देश्य पैदल यात्रियों को सुरक्षित सड़क पार करने का स्थान उपलब्ध कराना है. ऐसे स्थान पर वाहन रुकने के दौरान लेटकर फोटो या वीडियो बनाना यातायात व्यवस्था के लिहाज से जोखिम पैदा करता है. यदि इसी दौरान किसी वाहन चालक का ध्यान सड़क से हट जाए या सिग्नल बदलने के बाद वाहन अचानक आगे बढ़े, तो दुर्घटना की आशंका पैदा हो सकती है.

इंदौर में इंटरनेट मीडिया के लिए सड़क पर स्टंट या असामान्य गतिविधियों के मामले पहले भी चर्चा में आते रहे हैं. ऐसे मामलों में एक तरफ संबंधित व्यक्ति को कुछ समय के लिए इंटरनेट मीडिया पर लोकप्रियता मिलती है, लेकिन दूसरी ओर उसका असर देखने वाले युवाओं पर भी पड़ सकता है. विशेष रूप से जब किसी जोखिमपूर्ण गतिविधि को वीडियो के माध्यम से मनोरंजक या आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया जाता है, तो दूसरे लोग भी उसकी नकल करने की कोशिश कर सकते हैं.

पुलिस की जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि वायरल वीडियो को देखकर केवल वीडियो बनाने वाली युवती की भूमिका ही नहीं, बल्कि शूटिंग की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके. यह भी देखा जा रहा है कि वीडियो बनाने के दौरान यातायात कितनी देर प्रभावित हुआ और क्या इस वजह से किसी अन्य वाहन चालक या पैदल यात्री को परेशानी हुई. यदि जांच में यातायात नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है.

इस घटना ने सड़क सुरक्षा और इंटरनेट मीडिया के बीच बढ़ते टकराव को भी उजागर किया है. आज रील और छोटे वीडियो लोगों के लिए मनोरंजन के साथ कमाई और पहचान का माध्यम भी बन चुके हैं. इसके चलते कई बार वीडियो बनाने वाले ऐसे स्थानों का चयन कर लेते हैं जहां कुछ अलग दिखाई दे और सामग्री तेजी से लोगों का ध्यान खींचे. लेकिन सार्वजनिक सड़क पर ऐसा करते समय सुरक्षा और कानून की सीमा पार होने का खतरा बना रहता है.

विशेषज्ञों के अनुसार चौराहे और मुख्य सड़कें किसी भी तरह के फोटोशूट या स्टंट के लिए सुरक्षित स्थान नहीं हैं. यातायात सिग्नल पर वाहन रुकने की अवधि का उपयोग वीडियो शूट के लिए करना भी खतरनाक हो सकता है, क्योंकि सिग्नल बदलने के बाद यातायात अचानक चल पड़ता है. ऐसे में सड़क पर मौजूद व्यक्ति के लिए कुछ सेकंड की देरी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है.

वायरल वीडियो में युवती के जेब्रा क्रासिंग पर लेटने के दौरान आसपास मौजूद वाहन चालकों का रुककर उसे देखना भी यातायात प्रबंधन के लिए चिंता का विषय है. यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई गतिविधि राहगीरों या वाहन चालकों का ध्यान इस तरह आकर्षित करती है कि यातायात की सामान्य गति प्रभावित होने लगे, तो यह केवल व्यक्तिगत गतिविधि नहीं रह जाती, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा मामला बन जाता है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए यातायात नियमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. लोगों से अपील की जा रही है कि वे रील या वीडियो बनाते समय ऐसी जगह का चयन करें जहां स्वयं और दूसरों की सुरक्षा प्रभावित न हो. सड़क, चौराहा, जेब्रा क्रासिंग और यातायात सिग्नल मनोरंजन या स्टंट के लिए निर्धारित स्थान नहीं हैं.

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर युवती की पहचान और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद यह तय होगा कि उसके खिलाफ किन धाराओं या यातायात प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी. लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि इंटरनेट मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता के लिए सड़क पर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालना आखिर कितना उचित है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-