जबलपुर. एमपी के जबलपुर में बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 29 लाख रुपयों की ठगी करने वाले शासकीय शिक्षक गिरजेश सिंह राजपूत को पुलिस ने विदिशा से गिरफ्तार कर लिया है. विदिशा के सुमेरदांगी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ इस शिक्षक ने राजनेताओं और आला अफसरों से ऊंची पहुंच का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाया.
बताया गया है कि अभिनव सेन, राखी बंसल के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने जाते थे. बातचीत के दौरान जब राखी ने सुमेरदांगी के शिक्षक के प्रभाव और संपर्कों का जिक्र किया, तब पीडि़त ने सरकारी सेवा में जाने की उम्मीद से उनसे संपर्क साधा. बातचीत शुरू होते ही आरोपी ने दावा किया कि जबलपुर कलेक्ट्रेट में ग्रेड-1 के खाली पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया चल रही है. अपने मजबूत प्रशासनिक संबंधों का हवाला देकर उसने चयन पक्का कराने का पूरा भरोसा दिलाया.
इस एवज में उसने भारी रकम की मांग रखी. बेरोजगार युवक भविष्य संवारने के फेर में झांसे में आ गया और उसने अलग-अलग किस्तों में कुल 3 लाख 52 हजार रुपये आरोपी के हाथों में सौंप दिए. महीनों बीत जाने के बाद भी जब नियुक्ति आदेश नहीं मिला, तो संदेह गहराने लगा. पीडि़त द्वारा अपनी जमा पूंजी वापस मांगने पर पहले तो तरह-तरह के झूठे बहाने बनाए गए. अंतत: शिक्षक ने अपना असली रंग दिखाते हुए पीडि़त का फोन नंबर ब्लॉक सूची में डाल दिया और बातचीत पूरी तरह बंद कर दी. धोखाधड़ी का अहसास होने पर जब अभिनव ने अपने स्तर पर पड़ताल शुरू की, तब चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए.
आरोपी ने केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि अस्मिता बंसल, मोहनीश बंसल तथा रजनीश बंसल सहित कई अन्य शिक्षित युवाओं को भी सरकारी ओहदे का लालच देकर अपनी ठगी का निशाना बनाया था. सभी पीडि़तों से हड़पी गई कुल धनराशि का आंकड़ा करीब 29 लाख रुपये तक पहुंच गया. मामले की लिखित शिकायत मिलते ही घमापुर थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई. टीम ने विदिशा में दबिश देकर आरोपी को दबोच लिया. थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस संगठित फर्जीवाड़े में क्या कोई अन्य मददगार भी शामिल था.
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