स्मार्टवॉच के फर्जी वॉच-फेस पर सैमसंग को बड़ा झटका, स्विस कंपनी को देने होंगे 11.6 मिलियन डॉलर

स्मार्टवॉच के फर्जी वॉच-फेस पर सैमसंग को बड़ा झटका, स्विस कंपनी को देने होंगे 11.6 मिलियन डॉलर

प्रेषित समय :21:03:48 PM / Thu, Aug 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

लंदन. स्मार्टवॉच में लग्जरी घड़ियों के डिजाइन की नकल वाले डिजिटल वॉच-फेस उपलब्ध कराना सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स को भारी पड़ गया. ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने सैमसंग को स्विट्जरलैंड की घड़ी कंपनी स्वॉच ग्रुप को 11.6 मिलियन डॉलर यानी करीब 100 करोड़ रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है. अदालत ने माना कि सैमसंग के ऐप स्टोर पर उपलब्ध कुछ स्मार्टवॉच एप्लीकेशन स्वॉच ग्रुप के प्रतिष्ठित ब्रांडों के ट्रेडमार्क का उल्लंघन कर रहे थे.

यह मामला वर्ष 2015 से 2019 के बीच सैमसंग के ऐप स्टोर पर उपलब्ध डिजिटल वॉच-फेस से जुड़ा है. इन वॉच-फेस में स्वॉच ग्रुप के कई लग्जरी घड़ी ब्रांडों की पहचान और डिजाइन की नकल की गई थी. इनमें ओमेगा, लॉन्गिन्स और ब्रेगेट सहित कुल 10 ब्रांड शामिल थे. इससे पहले अदालत यह निर्धारित कर चुकी थी कि संबंधित डिजाइन इन ब्रांडों के ट्रेडमार्क का उल्लंघन करते हैं. अब अदालत ने इस उल्लंघन के लिए सैमसंग पर हर्जाना तय किया है.

170 मिलियन डॉलर मांगे थे, सैमसंग ने कहा था केवल 300 डॉलर
हर्जाने की रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच भारी अंतर था. स्वॉच ग्रुप ने करीब 170 मिलियन डॉलर के मुआवजे की मांग की थी. दूसरी ओर, सैमसंग का तर्क था कि यदि कोई मुआवजा देना भी पड़े तो इसकी राशि करीब 300 डॉलर तक सीमित होनी चाहिए.

हाई कोर्ट के जज मार्कस स्मिथ ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद 11.6 मिलियन डॉलर का हर्जाना निर्धारित किया. रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने यूरोप में विवादित वॉच-फेस एप्लीकेशन के करीब 1.60 लाख डाउनलोड को भी मुआवजे की गणना में शामिल किया. यानी मामला केवल कुछ डिजाइन की नकल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन डिजिटल उत्पादों के वास्तविक इस्तेमाल और डाउनलोड को भी अदालत ने आर्थिक नुकसान का आकलन करने में महत्व दिया.

अदालत ने लग्जरी ब्रांड की प्रतिष्ठा को माना महत्वपूर्ण
अदालत ने इस मामले में केवल ट्रेडमार्क के तकनीकी उल्लंघन को ही नहीं देखा, बल्कि लग्जरी ब्रांड की प्रतिष्ठा और उसकी व्यावसायिक पहचान पर पड़ने वाले प्रभाव को भी महत्वपूर्ण माना. जज ने कहा कि सस्ते या मुफ्त डिजिटल डिजाइन उपलब्ध होने से स्वॉच ग्रुप के ब्रांडों से जुड़ी विशिष्टता और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है.

स्वॉच ग्रुप ने इन ट्रेडमार्कों को विकसित करने और उनकी पहचान बनाने में दशकों तक निवेश किया है. ऐसे में उनके नाम, डिजाइन और ब्रांड पहचान का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बिना अनुमति इस्तेमाल किया जाना कंपनी के लिए महज डिजाइन की नकल का मामला नहीं था, बल्कि उसके व्यावसायिक अधिकारों और ब्रांड मूल्य से जुड़ा विषय था.

जज स्मिथ ने सैमसंग के रुख पर भी टिप्पणी की. अदालत के अनुसार, तकनीकी कंपनी ने संबंधित ट्रेडमार्क के महत्व को कम करके आंकने की कोशिश की और कथित उल्लंघन को अपेक्षाकृत मामूली बताने का प्रयास किया.

स्वॉच ग्रुप ने फैसले का स्वागत किया
स्वॉच ग्रुप ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सैमसंग ने बार-बार उस मुआवजे को कम करके बताया जो उसके ब्रांडों के इस्तेमाल के लिए दिया जाना चाहिए था. कंपनी के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्मार्टवॉच और अन्य डिजिटल उपकरणों में पारंपरिक ब्रांडों की पहचान और डिजाइन के इस्तेमाल को लेकर कानूनी सवाल लगातार बढ़ रहे हैं.

इस मामले से यह संकेत भी मिलता है कि किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध तीसरे पक्ष के एप्लीकेशन के लिए केवल यह कहना पर्याप्त नहीं हो सकता कि सामग्री किसी बाहरी डेवलपर ने बनाई थी. यदि प्लेटफॉर्म की भूमिका और नियंत्रण के कारण ट्रेडमार्क का उल्लंघन होता है, तो तकनीकी कंपनियों को भी कानूनी जिम्मेदारी का सामना करना पड़ सकता है.

सैमसंग कर रहा फैसले की समीक्षा
सैमसंग ने कहा है कि वह हाई कोर्ट के फैसले की समीक्षा कर रहा है और उसके पास उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करेगा. कंपनी अपील भी कर सकती है. इसलिए फिलहाल 11.6 मिलियन डॉलर का यह आदेश अंतिम कानूनी स्थिति है या आगे इसमें बदलाव होगा, यह अपील की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा.

मामला केवल ब्रिटेन तक सीमित रहने की संभावना भी नहीं है. स्वॉच ग्रुप के मुताबिक इन्हीं 10 ब्रांडों से संबंधित अलग कार्यवाही अमेरिका की अदालत में भी लंबित है. ऐसे में ब्रिटेन का यह फैसला आगे अमेरिका में चल रही कानूनी लड़ाई में भी महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकता है.

स्मार्टवॉच बाजार में तकनीक और पारंपरिक घड़ी उद्योग के बीच बढ़ते मेल के बीच यह मामला कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है. डिजिटल वॉच-फेस भले ही केवल स्क्रीन पर दिखाई देने वाला डिजाइन हो, लेकिन यदि उसमें किसी स्थापित ब्रांड की पहचान, शैली या ट्रेडमार्क की नकल की जाती है तो उसके गंभीर कानूनी और आर्थिक परिणाम हो सकते हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-