जबलपुर. एमपी के जबलपुर में सरस्वती शिशु मंदिर नरसिंह मंदिर में नन्हीं छात्राओं ने उन सैनिक भाइयों की कलाइयों पर स्वदेशी राखियां बांधी, जो त्योहार पर अपने घर नहीं जा पाए थे. सैनिकों को रक्षा सूत्र बंधने के बाद देश सेवा में लगे जवानों का मन प्रफुल्लित हो उठा.
सेना की ड्यूटी और कठिन परिस्थितियों के कारण कई फौजी भाई 7 से 10 वर्षों से त्योहारों पर घर नहीं जा सके थे. ऐसे जवानों के लिए यह अवसर बेहद खास रहा. बहनों के स्नेह और सैनिकों के समर्पण के इस अनूठे संगम से पूरा परिसर भारत माता की जय के उद्घोष से गूंज उठा. बैंड-बाजे की धुनें, आरती की थाली और पुष्प वर्षा के बीच बहनों ने सैनिकों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधा और उन्हें मिठाई खिलाई. यह कार्यक्रम पिछले 12 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है. इसका शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ और समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के साथ किया गया.
सीमा पर तैनात इन वीरों के मनोबल और उत्साहवर्धन के उद्देश्य से ही यह आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है, जिसमें सभी सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राएं शामिल होती हैं. समारोह को संबोधित करते हुए कार्यक्रम संचालक ने कहा, सैनिक हैं तो हम हैं. हमारे वीर जवान न केवल सीमाओं की सुरक्षा करते हैं, बल्कि पूरे देश का आत्मबल भी बढ़ाते हैं. विद्यालय की छात्राएं हर साल हर्ष और उल्लास के साथ इस त्योहार का इंतजार करती हैं ताकि वे सैनिक भाइयों को राखी बांध सकें. छात्राएं अपने घरों में राखियां तैयार करती हैं. टीका लगाकर रक्षा सूत्र बांधने के बाद, निर्धारित नियमों के कारण सैनिकों को बाहर का खाना मना होने के चलते, कार्यक्रम के अंत में प्रसाद खाकर विदाई ली गई. इस दौरान सैनिकों के आगे कैडेट्स मौजूद रहे.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

