न्यू चंडीगढ़ में 227 एकड़ से ज्यादा जमीन अधिग्रहण को मंजूरी, अब बनेगा बड़ा व्यावसायिक केंद्र

न्यू चंडीगढ़ में 227 एकड़ से ज्यादा जमीन अधिग्रहण को मंजूरी, अब बनेगा बड़ा व्यावसायिक केंद्र

प्रेषित समय :18:00:21 PM / Thu, Aug 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मोहाली. न्यू चंडीगढ़ के विकास को गति देने वाली बड़ी प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है. स्वीकृत मास्टर प्लान में प्रस्तावित कमर्शियल सिटी सेंटर के लिए चार गांवों की करीब 227.8852 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को सरकार ने मंजूरी दे दी है. संगला, बांसेपुर, तीड़ा और चाहड़ माजरा गांवों की जमीन पर प्रस्तावित इस परियोजना के आकार को देखते हुए इसे न्यू चंडीगढ़ में बड़े व्यावसायिक केंद्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. जमीन अधिग्रहण की मंजूरी के बाद अब ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी गमाडा की ओर से भूमि अधिग्रहण से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.

न्यू चंडीगढ़ में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आवासीय परियोजनाओं के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियों का भी तेजी से विस्तार हुआ है. ऐसे में एक बड़े और नियोजित व्यावसायिक केंद्र की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी. प्रस्तावित कमर्शियल सिटी सेंटर के विकसित होने के बाद क्षेत्र में दुकानों, कार्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य कारोबारी गतिविधियों के लिए एक नया प्रमुख केंद्र तैयार होने की उम्मीद है. इससे न्यू चंडीगढ़ के मौजूदा विकास को नई दिशा मिलने के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.

सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण को मंजूरी देने से पहले इस परियोजना के सामाजिक प्रभाव का आकलन भी कराया गया. लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट तैयार करवाई गई थी. इसका उद्देश्य प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले लोगों, परिवारों और स्थानीय क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित सामाजिक प्रभावों का अध्ययन करना था. रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसके परीक्षण और मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञ समूह का गठन किया गया.

विशेषज्ञ समूह ने सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अपनी सिफारिशें संबंधित विभागों को दीं. सरकार के समक्ष रखी गई इन सिफारिशों पर विचार के बाद भूमि अधिग्रहण को मंजूरी प्रदान की गई. निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रस्तावित परियोजना के लिए जमीन का अधिग्रहण लोकहित में आवश्यक है. साथ ही विशेषज्ञों के आकलन के आधार पर यह माना गया कि परियोजना से होने वाला संभावित लाभ सामाजिक प्रभाव आकलन में सामने आई सामाजिक लागत और नकारात्मक प्रभावों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है.

भूमि अधिग्रहण के संबंध में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि परियोजना के लिए जितनी जमीन की आवश्यकता बताई गई है, उतनी ही भूमि अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित की गई है. यानी जरूरत से अधिक जमीन लेने का प्रस्ताव नहीं रखा गया है. सरकारी रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस क्षेत्र में पहले से अधिग्रहित ऐसी कोई अनुपयोगी जमीन उपलब्ध नहीं है, जिसका उपयोग प्रस्तावित व्यावसायिक केंद्र के लिए किया जा सके. इसी आधार पर संबंधित भूमि को परियोजना के लिए आवश्यक मानते हुए अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी गई है.

मंजूरी के बाद अब चारों गांवों में भूमि अधिग्रहण से संबंधित सूचना सार्वजनिक करने की प्रक्रिया शुरू होगी. संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कानून-2013 के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत गांवों में मुनादी कराई जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों को प्रस्तावित अधिग्रहण की जानकारी मिल सके. इसके अलावा मंदिर, गुरुद्वारा साहिब, मस्जिद, जंजघर, सामुदायिक केंद्र और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों के सूचना पट पर आदेश की प्रतियां चस्पा की जाएंगी.

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित जानकारी गमाडा की वेबसाइट पर भी सार्वजनिक की जाएगी. इससे प्रभावित भूमि मालिकों और स्थानीय निवासियों को अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया, आदेश और आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी उपलब्ध हो सकेगी. प्रशासनिक स्तर पर अब अधिग्रहण की वैधानिक औपचारिकताओं को पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा.

न्यू चंडीगढ़ में प्रस्तावित कमर्शियल सिटी सेंटर को केवल स्थानीय स्तर की व्यावसायिक परियोजना के रूप में नहीं देखा जा रहा है. क्षेत्र में जिस तरह आवासीय विस्तार हो रहा है, उसके साथ बड़े कारोबारी केंद्र की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है. नए व्यावसायिक केंद्र के विकसित होने से आसपास रहने वाली आबादी को खरीदारी और अन्य कारोबारी सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. साथ ही कार्यालयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और विभिन्न सेवाओं के लिए भी एक संगठित क्षेत्र उपलब्ध हो सकेगा.

चार गांवों की जमीन इस परियोजना से सीधे जुड़ने के कारण भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सरकार ने सामाजिक प्रभाव आकलन और विशेषज्ञ समूह की सिफारिशों पर विचार करने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है. अब अगली प्रक्रिया में भूमि मालिकों को निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत सूचनाएं दी जाएंगी और अधिग्रहण से संबंधित अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी. परियोजना से प्रभावित लोगों के अधिकार और कानून के तहत मिलने वाले लाभ भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा होंगे.

न्यू चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग उपयोग निर्धारित किए गए हैं. आवासीय विकास के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए स्थान विकसित करना भी इसी नियोजित विकास का हिस्सा है. प्रस्तावित कमर्शियल सिटी सेंटर के लिए जमीन उपलब्ध होने के बाद मास्टर प्लान में तय व्यावसायिक विकास को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी. इससे भविष्य में न्यू चंडीगढ़ की पहचान एक सुव्यवस्थित आवासीय क्षेत्र के साथ बड़े कारोबारी केंद्र के रूप में भी बन सकती है.

इस परियोजना के आगे बढ़ने से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है. निर्माण गतिविधियों से लेकर व्यापार, कार्यालय, खुदरा प्रतिष्ठान, परिवहन, खानपान और अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं. हालांकि इन संभावित प्रभावों का वास्तविक स्वरूप परियोजना के विकास और संचालन के बाद ही स्पष्ट होगा. फिलहाल सरकार और संबंधित विकास प्राधिकरण का ध्यान भूमि अधिग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने पर है.

अधिग्रहण की मंजूरी ऐसे समय मिली है जब न्यू चंडीगढ़ में बुनियादी ढांचे और आवासीय विकास का विस्तार लगातार जारी है. नए व्यावसायिक केंद्र के लिए प्रस्तावित भूमि इस विकास को एक नया आयाम दे सकती है. बड़े स्तर पर नियोजित व्यावसायिक क्षेत्र विकसित होने से न्यू चंडीगढ़ और मोहाली के बीच आर्थिक गतिविधियों का दायरा भी बढ़ने की संभावना है.

अब चारों गांवों में अधिग्रहण की सूचना सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. प्रशासन को संबंधित स्थानों पर आदेश की प्रतियां उपलब्ध कराने और लोगों को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं. इसके बाद कानून के अनुसार भूमि अधिग्रहण की अगली कार्रवाई की जाएगी. सरकार के इस फैसले के बाद न्यू चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में प्रस्तावित बड़े व्यावसायिक केंद्र के निर्माण का रास्ता पहले की तुलना में काफी स्पष्ट हो गया है.

227.8852 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की मंजूरी को न्यू चंडीगढ़ के नियोजित विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. आने वाले समय में यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बन सकती है. फिलहाल जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होना बाकी है, जिसके बाद परियोजना से जुड़े विकास कार्यों की दिशा और गति स्पष्ट होगी. यदि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम आगे बढ़ता है तो न्यू चंडीगढ़ में आवासीय विस्तार के साथ एक बड़े और संगठित व्यावसायिक केंद्र का सपना भी जमीन पर उतरता दिखाई देगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-