काम्या पंजाबी ने खोली घरेलू हिंसा की दर्दनाक कहानी, बेटी ने झगड़ा देखा तो शादी छोड़ने का लिया फैसला

काम्या पंजाबी ने खोली घरेलू हिंसा की दर्दनाक कहानी, बेटी ने झगड़ा देखा तो शादी छोड़ने का लिया फैसला

प्रेषित समय :19:35:07 PM / Fri, Aug 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. टेलीविजन अभिनेत्री काम्या पंजाबी ने अपनी पहली शादी के दौरान झेली घरेलू हिंसा को लेकर पहली बार नहीं, बल्कि अब कहीं अधिक खुलकर अपनी आपबीती साझा की है. अभिनेत्री ने बताया कि घरेलू हिंसा के निशान छिपाने के लिए उन्हें चेहरे पर भारी मेकअप करना पड़ता था और कई बार घर में हुए दर्द को छिपाकर काम पर जाना पड़ता था. लेकिन उनकी जिंदगी में निर्णायक मोड़ उस समय आया, जब उनकी बेटी ने माता-पिता के बीच हो रहे झगड़े को देख लिया और रोने लगी. बेटी की प्रतिक्रिया ने काम्या को यह महसूस कराया कि जिस माहौल में वह खुद जी रही हैं, उसमें उनकी बच्ची को भी नहीं रखा जा सकता.

एक साक्षात्कार में काम्या ने बताया कि घरेलू हिंसा के दौर में वह अपने चेहरे पर लगे चोट के निशान और दूसरे दाग मेकअप से ढककर शूटिंग पर जाती थीं. बाहर की दुनिया के सामने वह सामान्य नजर आने की कोशिश करती थीं, जबकि निजी जिंदगी में हालात बेहद कठिन थे. उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें किसी पुरस्कार समारोह में जाना था और उस दौरान उन्हें अपने ही चेहरे और परिस्थिति को लेकर शर्म महसूस हो रही थी.

अभिनेत्री ने कहा कि वह घर में मारपीट झेलने के बाद बाहर जाकर सम्मान प्राप्त कर रही थीं और उनके मन में लगातार यह सवाल उठ रहा था कि वह आखिर किस तरह की जिंदगी जी रही हैं और किसे कुछ साबित करने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने यह भी बताया कि कई बार वह बाथरूम में खुद को बंद कर घंटों रोती थीं. कुछ मौकों पर उनका रोना पूरी रात तक चलता रहा.

काम्या के मुताबिक, उनकी पहली शादी में सिर्फ शारीरिक हिंसा ही समस्या नहीं थी. उनके पूर्व पति चाहते थे कि वह अभिनय का काम छोड़ दें. उनके व्यवहार में संदेह और नियंत्रण की प्रवृत्ति भी थी. अभिनेत्री ने बताया कि अगर वह फोन का जवाब नहीं देती थीं तो उनसे लगातार सवाल किए जाते थे. यहां तक कि वह कहां हैं, किसके साथ हैं और उन्होंने कौन से कपड़े पहने हैं, इस तरह की बातें भी पूछी जाती थीं.

ऐसे माहौल में काम्या लंबे समय तक अपने निजी संघर्ष और पेशेवर जिंदगी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती रहीं. शूटिंग के लिए निकलने से पहले चोट के निशान छिपाना और काम के दौरान सामान्य व्यवहार करना उनके लिए रोजमर्रा की चुनौती बन गया था. बाहर से देखने वालों को उनकी जिंदगी सामान्य लग सकती थी, लेकिन अभिनेत्री के मुताबिक घर के भीतर परिस्थितियां बिल्कुल अलग थीं.

हालांकि, इस रिश्ते से बाहर निकलने का फैसला उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी बेटी को सामने देखकर लिया. काम्या ने बताया कि एक दिन उनकी बेटी ने दोनों के बीच हो रहा झगड़ा देख लिया. वह इस घटना से इतनी परेशान हुई कि रोने लगी. बेटी को इस तरह टूटते हुए देखना काम्या के लिए निर्णायक क्षण बन गया. उन्हें महसूस हुआ कि यदि वह इसी रिश्ते में बनी रहती हैं तो इसका असर उनकी बेटी के मन और भविष्य पर भी पड़ सकता है.

काम्या ने बताया कि उसी समय उन्होंने तय किया कि अब वह इस तरह की जिंदगी आगे नहीं जिएंगी. उन्होंने अपना हैंडबैग उठाया, कुछ कपड़े पैक किए और घर से निकल गईं. उनके मुताबिक, घर से बाहर निकलने के उस क्षण में उन्हें डर या पछतावे के बजाय राहत महसूस हुई. उन्होंने कहा कि बाहर निकलने के बाद उन्हें ऐसा लगा जैसे वह दोबारा सांस ले पा रही हैं.

घरेलू हिंसा से जुड़े अनुभवों को सार्वजनिक रूप से साझा करना काम्या के लिए आसान नहीं रहा होगा, लेकिन उनका बयान इस बात की ओर भी ध्यान खींचता है कि हिंसा का असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, जो उसे झेल रहा होता है. घर में होने वाले लगातार झगड़े और हिंसा को देखने वाले बच्चे भी भावनात्मक रूप से प्रभावित हो सकते हैं. काम्या के मामले में उनकी बेटी की प्रतिक्रिया ही वह बिंदु बनी, जिसने उन्हें वर्षों से चल रही स्थिति को खत्म करने का निर्णय लेने के लिए मजबूर किया.

काम्या पंजाबी ने हिंदी टेलीविजन में लंबे समय तक काम किया है. उन्होंने 2000 के दशक की शुरुआत में अभिनय करियर शुरू किया और इसके बाद कई चर्चित धारावाहिकों का हिस्सा बनीं. ‘कहने को हमसफर हैं’, ‘बनूंगी अपनी बात’, ‘रेत’, ‘पिया का घर’, ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘कहानी घर घर की’ और ‘मर्यादा लेकिन कब तक’ जैसे धारावाहिकों में उन्होंने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं.

अभिनय के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने वाली काम्या ने अपनी निजी जिंदगी में आए मुश्किल दौर के बावजूद काम जारी रखा. उनकी आपबीती का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि घरेलू हिंसा के निशान कई बार केवल शरीर पर नहीं होते. डर, आत्मसम्मान में कमी, लगातार तनाव और अपनी परिस्थितियों को छिपाने की मजबूरी भी व्यक्ति को भीतर से प्रभावित कर सकती है.

पहली शादी खत्म होने के बाद काम्या ने वर्ष 2020 में भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारी शलभ डांग से शादी की. हालांकि, उनकी पहली शादी के दौरान झेले गए अनुभव अब भी उनके जीवन की महत्वपूर्ण कहानी का हिस्सा हैं. इस अनुभव को सार्वजनिक करते हुए उन्होंने उस मानसिक स्थिति की तस्वीर सामने रखी है, जिसमें एक व्यक्ति लंबे समय तक हिंसा और नियंत्रण के बीच रहने के बाद भी बाहर की दुनिया के सामने सामान्य दिखने की कोशिश करता है.

काम्या की कहानी में सबसे बड़ा मोड़ वह क्षण रहा, जब उनकी बेटी ने घर का संघर्ष अपनी आंखों से देखा. बेटी का रोना उनके लिए चेतावनी बन गया कि निजी रिश्ते का असर अब अगली पीढ़ी तक पहुंच रहा है. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उनके मुताबिक, घर से बाहर निकलने के बाद पहली बार उन्हें लगा कि वह स्वतंत्र रूप से सांस ले पा रही हैं.

अभिनेत्री की यह आपबीती घरेलू हिंसा के उस पक्ष को सामने लाती है, जो अक्सर चारदीवारी के भीतर छिपा रह जाता है. चेहरे पर मेकअप से चोट के निशान छिप सकते हैं, लेकिन भय और तनाव को लंबे समय तक छिपाना आसान नहीं होता. काम्या ने जिस तरह अपने अनुभव को सार्वजनिक किया है, वह उनके निजी संघर्ष के साथ-साथ घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत की ओर भी ध्यान खींचता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-