कटनी. मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बहुचर्चित जमीन खरीदी की सौदेबाजी, पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामले में मुख्य आरोपी निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया को शनिवार को बड़ा झटका लगा है. नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए एडीजे कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी है.
उल्लेखनीय है कि मामला सामने आने के बाद से नेहा पच्चीसिया व उनके अन्य साथी फरार हैं, जिन पर पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है. पुलिस लगातार उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है.
अग्रिम जमानत याचिका निरस्त
फरार चल रही निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी. इस पर पहले 25 अगस्त को कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई थी लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ था. तब कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख दी थी. आज 29 अगस्त को एडीजे कोर्ट में मामले पर सुनवाई हुई और कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी.
नेहा पच्चीसिया सहित 3 आरोपी फरार
मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया के साथ ही उनका फाइनेंसर क्षितिज राज बारापात्रे और कागजी खरीददार मारूफ अहमद हनफी आरोपी हैं. मामला दर्ज होने के बाद से ये तीनों आरोपी फरार हैं और पुलिस इनकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है. पुलिस ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है. मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है जिसकी जांच जारी है.
जानिए क्या है पूरा मामला.?
आरोप है कि हत्या के आरोपी को कथित तौर पर लाभ पहुंचाने के लिए पद का दुरुपयोग करते हुए नेहा पच्चीसिया ने 90 दिनों तक अदालत में चार्जशीट पेश नहीं होने दी. इसके कारण आरोपी को जमानत मिल गई. जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी की इस मदद के बदले उसकी करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपये की कीमती जमीन को नेहा पच्चीसिया ने अपने करीबियों के नाम पर कथित तौर पर काफी कम दाम करीब 18 लाख रुपये में खरीद लिया.

