जबलपुर में बदमाशों ने युवक को पीटा, पुलिस कर्मी बचाने पहुंचा तो उसे भी मारा, कार में तोडफ़ोड़ कर खुद बुला ली पुलिस

जबलपुर में बदमाशों ने युवक को पीटा, पुलिस कर्मी बचाने पहुंचा तो उसे भी मारा, कार में तोडफ़ोड़ कर खुद बुला ली पुलिस

प्रेषित समय :15:19:56 PM / Tue, Sep 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में खमरिया क्षेत्र में मारपीट और कार में तोडफ़ोड़ के बाद आरोपियों द्वारा खुद ही डायल-112 पर पुलिस बुलाने और मौके पर पहुंचे आरक्षक से झूमाझटकी करने का मामला सामने आया है. घटना 30 अगस्त की देर रात की है. पुलिसकर्मी के मुताबिक करीब 25 से 30 लोगों ने उसे घेर लिया और उसकी वर्दी फाड़ दी. नेम प्लेट भी टूट गई. बाद में आरक्षक ने दूसरे थाने में ट्रांसफर मांगा, लेकिन विभाग ने उसे लाइन हाजिर कर दिया.

बताया गया है कि नारायण धाम निवासी आशीष कुशवाहा इंदौर की निजी कंपनी में काम करते हैं. रक्षाबंधन पर घर आए आशीष अपने भाई अंशुल और दोस्तों सुखदेव तिवारी व शेख अनस के साथ कार से आमाखोह से लौट रहे थे. सगनहाई के पास सत्यम यादव ने उनकी कार रुकवाई और शेख अनस को बाहर निकालने को कहा. अनस के बाहर आते ही सत्यम ने डंडे से हमला कर दिया. आशीष, अंशुल और सुखदेव बचाने पहुंचे तो बल्ली उर्फ नरेश यादव, सुरेश, सुन्द्रम, राहुल, राज कुशवाहा, आदित्य विश्वकर्मा, साहिल साहू और शिवम यादव भी वहां पहुंच गए. आरोपियों ने चारों युवकों से मारपीट की और कार का सामने का शीशा डंडे मारकर तोड़ दिया. किसी तरह आशीष अपने भाई और दोस्तों के साथ कार से वहां से निकले.

घर तक पीछा किया, पत्थर मारकर शीशे फोड़े-

आरोपियों ने युवकों का पीछा किया और उनके घर के सामने भी पहुंच गए. परिजनों ने रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए सड़क पर पड़े पत्थरों से कार के पीछे और साइड के शीशे तोड़ दिए. मारपीट में आशीष, अंशुल, सुखदेव और शेख अनस को चोटें आई हैं.

आरोपियोंने डायल-112 पर फोन कर चोरी की सूचना दी-

मारपीट और तोडफ़ोड़ के बाद आरोपियों ने डायल-112 पर फोन कर उल्टा खुद के साथ चोरी होने की सूचना दे दी. सूचना पर ड्यूटी पर तैनात आरक्षक नरेश कुमार शेंडे मौके पर पहुंचे. पुलिसकर्मी को अकेला देखकर आरोपी भड़क गए और पूछने लगे कि पूरा स्टाफ कहां है. आरक्षक कुछ समझ पाते, इससे पहले ही करीब 25 से 30 लोगों ने उन्हें घेर लिया. आरोपियों ने उनके साथ झूमाझटकी की, जिससे वर्दी फट गई और नेम प्लेट टूट गई. आरक्षक किसी तरह वहां से निकल पाए.

ट्रांसफर मांगा, विभाग ने लाइन हाजिर कर दिया-

आरक्षक ने अगले दिन वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और दूसरे थाने में ट्रांसफर की मांग की. हालांकि विभाग ने उन्हें ट्रांसफर देने के बजाय विभागीय जांच के नाम पर लाइन हाजिर कर दिया.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-