जबलपुर. अच्छे अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों की मेहनत को तकनीकी संसाधनों से जोड़ने वाली लैपटॉप प्रोत्साहन योजना के तहत जबलपुर जिले के 3,319 मेधावी विद्यार्थियों के बैंक खातों में 25-25 हजार रुपये की राशि पहुंच गई. कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मिली यह राशि अब उनकी आगे की पढ़ाई में तकनीकी सुविधा का माध्यम बनेगी. राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने के बाद विद्यार्थियों के बीच लैपटॉप खरीदने को लेकर उत्साह नजर आया.
योजना के तहत प्रदेश के 1 लाख 21 हजार 804 मेधावी विद्यार्थियों के खातों में कुल करीब 304 करोड़ रुपये अंतरित किए गए हैं. जबलपुर में लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या 3,319 है. विद्यार्थियों को दी गई 25 हजार रुपये की राशि का उद्देश्य उन्हें लैपटॉप खरीदने में आर्थिक सहायता देना है, ताकि उच्च शिक्षा की तैयारी के दौरान वे डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर सकें.
आज की शिक्षा व्यवस्था में पढ़ाई केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं रह गई है. प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी से लेकर विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम, ऑनलाइन व्याख्यान, डिजिटल पुस्तकें, शोध सामग्री और शैक्षणिक वीडियो तक बड़ी मात्रा में अध्ययन सामग्री इंटरनेट पर उपलब्ध है. ऐसे में लैपटॉप विद्यार्थियों के लिए केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि पढ़ाई के नए माध्यमों तक पहुंच बनाने वाला साधन भी है. योजना की राशि मिलने से मेधावी विद्यार्थियों के लिए इस डिजिटल सुविधा को हासिल करना अपेक्षाकृत आसान होगा.
जबलपुर में पंडित लज्जा शंकर झा मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल में योजना से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यहां विद्यार्थियों और शिक्षकों को राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया. स्थानीय आयोजन में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, संयुक्त संचालक घनश्याम सोनी और जिला शिक्षा अधिकारी गौतम वर्बे सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे.
योजना की खास बात यह है कि सहायता राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की गई है. इससे विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए अलग से राशि जुटाने की आवश्यकता कम होगी. कई परिवारों में बच्चों की उच्च शिक्षा के साथ कंप्यूटर या लैपटॉप खरीदना अतिरिक्त आर्थिक दबाव का कारण बनता है. ऐसे में सरकार की यह सहायता विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरत को पूरा करने में उपयोगी साबित हो सकती है.
जबलपुर के दो मेधावी विद्यार्थी ओम चौकसे और शिवांगी नागदेव को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से लैपटॉप प्रदान किए गए. वहीं, मॉडल हाई स्कूल में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम के दौरान ओम चौकसे की बहन को अतिथियों ने सांकेतिक रूप से लैपटॉप सौंपा. इससे योजना का लाभ पाने वाले विद्यार्थियों के बीच भी उत्साह का माहौल बना.
योजना का असर केवल लैपटॉप खरीदने तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है. विद्यार्थियों के लिए इसका वास्तविक महत्व इस बात में है कि वे खरीदे गए उपकरण का उपयोग किस तरह अपनी शिक्षा और कौशल विकास में करते हैं. ऑनलाइन पाठ्यक्रम, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, डिजिटल अध्ययन सामग्री और नई तकनीकों को सीखने के अवसरों का उपयोग कर विद्यार्थी अपनी आगे की पढ़ाई को अधिक व्यापक बना सकते हैं.
मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने वाली यह योजना शैक्षणिक उपलब्धि को डिजिटल सुविधा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. जबलपुर के 3,319 विद्यार्थियों के खातों में पहुंची राशि अब उनकी अगली शैक्षणिक यात्रा में कितनी उपयोगी साबित होती है, यह उनके लैपटॉप के उपयोग और उससे मिलने वाले नए सीखने के अवसरों पर निर्भर करेगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

