पंजाब विधानसभा में अकेले उतरेगी बीजेपी, अकाल दल से गठबंधन की अटकलों पर लगाया पूर्णविराम

पंजाब विधानसभा में अकेले उतरेगी बीजेपी, अकाल दल से गठबंधन की अटकलों पर लगाया पूर्णविराम

प्रेषित समय :16:27:08 PM / Tue, Sep 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

चंडीगढ़. पंजाब की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं पर भाजपा ने फिलहाल विराम लगा दिया है. पंजाब भाजपा प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया ने साफ कहा कि पार्टी हाईकमान का निर्देश है कि भाजपा राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी. सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात को लेकर उठ रहे सवालों पर भी उन्होंने कहा कि इससे गठबंधन का कोई संकेत नहीं मिलता.

पंजाब दौरे के पहले दिन सतीश पूनिया ने कहा कि वह केंद्रीय नेतृत्व का संदेश लेकर राज्य में आए हैं. उनके मुताबिक भाजपा किसी गठबंधन की तैयारी नहीं कर रही है और सभी 117 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की दिशा में आगे बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लडऩे का फैसला पार्टी की स्वतंत्र राजनीतिक रणनीति को स्पष्ट करता है.

बादल-मोदी मुलाकात पर भी सफाई

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात पर भी पूनिया ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं और उनसे किसी नेता की मुलाकात को गठबंधन से जोडऩा सही नहीं है. ऐसी बैठकों में राज्य और देश से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत हो सकती है. इसलिए इस मुलाकात को राजनीतिक गठबंधन का संकेत मानना उचित नहीं होगा.

त्रिपुरा और हरियाणा का दिया उदाहरण

भाजपा प्रभारी ने पार्टी की पंजाब में संभावनाओं को लेकर त्रिपुरा और हरियाणा का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि इन राज्यों में एक समय भाजपा का आधार मजबूत नहीं था, लेकिन संगठन ने मेहनत के जरिए अपनी स्थिति बदली और सरकार बनाने में सफलता हासिल की. पूनिया ने भरोसा जताया कि पंजाब में भी भाजपा अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के दम पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है.

जाखड़ और कैप्टन के बयानों पर क्या कहा?

भाजपा नेता सुनील जाखड़ और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अकाली दल के साथ गठबंधन को लेकर दिए गए बयानों पर भी पूनिया से सवाल हुआ. उन्होंने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेताओं के पास लंबा राजनीतिक अनुभव है, लेकिन उनके बयान व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं. यह भाजपा का आधिकारिक फैसला नहीं है. उन्होंने दोहराया कि गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा.

पंजाब में अब सीधे चुनावी मुकाबले की तैयारी

भाजपा के इस रुख से पंजाब में चुनावी समीकरणों को लेकर तस्वीर फिलहाल कुछ हद तक साफ हुई है. पार्टी ने संकेत दिया है कि वह राज्य में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए अकेले मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. हालांकि चुनाव से पहले राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं, लेकिन फिलहाल भाजपा नेतृत्व की ओर से अकाली दल के साथ गठबंधन की संभावना को स्पष्ट रूप से खारिज किया गया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-