जबलपुर में ऐसे लोग हैं जिनकी आय 25 लाख रुपए, फिर भी ले रहा बीपीएल कार्ड का राशन, 5 हजार कार्ड निरस्त

जबलपुर में ऐसे लोग हैं जिनकी आय 25 लाख रुपए, फिर भी ले रहा बीपीएल कार्ड का राशन, 5 हजार कार्ड निरस्त

प्रेषित समय :14:45:41 PM / Wed, Sep 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में बीपीएल राशन कार्ड की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. यहां पर पांच हजार ऐसे परिवार मिले है,जिनकी सालाना आय 6 लाख रुपए से ज्यादा है, फिर भी कई सालों से गरीबी रेखा के राशन कार्ड पर सरकारी अनाज ले रहे थे. जांच के बाद प्रशासन ने इनके बीपीएल कार्ड निरस्त कर दिए हैं और संबंधितों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

जांच में यह तथ्य भी सामने आए है जिसमें 525 परिवारों में किसी सदस्य के पंजीकृत कंपनी का डायरेक्टर या अन्य पद पर होने की जानकारी मिली है. करीब 40 से 45 परिवार ऐसे भी सामने आए हैं, जिनकी सालाना आय 25 लाख रुपए से अधिक है और वे कारोबार के साथ जीएसटी भी जमा कर रहे हैं. प्रशासन ने अपात्र पाए गए हितग्राहियों के नाम पोर्टल से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है. संबंधितों को एसडीएम के समक्ष उपस्थित होकर यह बताना होगा कि उन्होंने बीपीएल कार्ड का उपयोग कब से और किस आधार पर किया. साथ ही वर्तमान आय से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे. जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे कार्रवाई की जाएगी.

अगस्त 2025 में शुरू हुई थी जांच-

केंद्र सरकार के निर्देश पर अगस्त 2025 में बीपीएल कार्डधारियों की जांच शुरू की गई थी. इसमें 6 लाख रुपए से अधिक सालाना आय वाले लोगों को चिन्हित किया गया. जांच में ऐसे लोग भी सामने आए, जिनकी आर्थिक स्थिति वर्षों में बेहतर हो गई या वे नौकरी और कारोबार से जुड़ गए, लेकिन उन्होंने बीपीएल कार्ड से अपना नाम नहीं हटवाया.

रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी-

डिप्टी कलेक्टर आरएस मरावी ने बताया कि पोर्टल की जांच में बड़ी संख्या में ऐसे नाम मिले हैं, जो पात्रता पूरी नहीं करने के बावजूद गरीबी रेखा की सूची में शामिल थे. प्रारंभिक कार्रवाई में इनके नाम विलोपित कर दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में एसडीएम और ग्रामीण क्षेत्रों में तहसीलदार पात्र लोगों के नाम बीपीएल सूची में जोड़ते हैं. खबर है कि वर्ष 1998 के बाद से समय-समय पर सर्वे किए जाते रहे हैं. इसके बावजूद अपात्र लोगों के नाम सूची में बने रहे. अब इन मामलों की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी. इसके बाद वसूली या अन्य कार्रवाई को लेकर शासन के निर्देश के अनुसार निर्णय होगा.

कार्रवाई में पात्र लोगों के नाम कटने की शिकायत-

जांच के दौरान कुछ ऐसे लोगों के नाम भी सूची से हटाए जाने की बात सामने आई है, जो अभी भी बीपीएल कार्ड की पात्रता रखते हैं. प्रशासन अब ऐसे मामलों की भी जांच कर रहा है, ताकि पात्र परिवारों को योजना से बाहर न किया जाए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-