जबलपुर. एमपी के जबलपुर में गंगा मैया विश्वकर्मा मंदिर के पास रहने वाले नाबालिग शुभ आशीष बाजपेई ने व्हीएफजे के खंडहर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. शुभ के अचानक गायब होने से परिजन घबरा गए, वे तलाश करते हुए पहुंचे तो देखा कि शुभ फांसी के फंदे पर लटक रहा है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाकर मर्ग कायम कर लिया है.
पुलिस के अनुसार गंगा मैया विश्वकर्मा मंदिर केपास रहने वाले मनीष बाजपेई किराना की दुकान संचालित करते है. उनके छोटे भाई आशीष की पत्नी का देहांत होने के बाद से आशीष के बेटे शुभ आशीष उम्र 14 वर्ष की देखभाल मनीष ही करते है. करीब एक माह पहले शुभ आशीष की तबियत खराब हुयी थी तभी से शुभ आशीष का मानसिक संतुलन ठीक नहीं होने से शुभ आशीष लगभग 4-5 बार फासी लगाने की कोशिश कर चुका था. पिछले दिन शुभ को इलाज एवं काउंसलिंग के लिये मनोचिकित्सक के पास मेडिकल कॉलेज लेकर गए, जहां डाक्टर ने बताया कि शुभ आशीष का दिमागी संतुलन बिगड़ रहा है इलाज से ठीक हो जायेगा या कोमा में जा सकता है.
शाम लगभग 4 बजे शुभ आशीष को घर ले आया था तथा अपनी दुकान में बिजी रखने की कोशिश कर रहा था जिससे शुभ आशीष के मन में अनावश्यक ख्याल न आ सके, शुभ आशीष बाहर न जा सके. मनीष दुकान में बैठा था इस दौरान शुभ आशीष धीरे से स्क्ूटी पेप से कहीं चला गया था. शुभ को निकलते देख बड़े पिता मनीष घबरा गए, वे तलाश करने निकल गए. इस बीच खबर मिली कि शुभ ने रामलीला मैदान के खण्डहर व्हीएफजे स्कूल के पंडाल में शुभ ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मोहल्ले के लड़कों ने देखा तो मनीष को खबर दी. मनीष भागते हुए पहुंचे तो देखा कि शुभ फांसी के फंदे पर झूल रहा है. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाकर मर्ग कायम कर लिया है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

