रायपुर. छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने और शैक्षणिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के ढीले रवैये पर सख्त नाराजगी जताते हुए सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) के 700 पदों पर जारी भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं.
मंत्री ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि 15 सितंबर तक भर्ती मार्ग में आ रही सभी प्रशासनिक रुकावटों को समाप्त कर पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जाए.
प्रमुख दिशा-निर्देश और फैसले:
सीधी भर्ती और पदोन्नति में तेजी: सहायक प्राध्यापकों के 700 पदों की प्रक्रिया के अलावा, प्राध्यापकों के 595 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती और स्नातक प्राचार्यों के लंबित पदोन्नति मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए हैं.
अदालती मामलों का निपटारा: मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 1 अक्टूबर 2026 तक सभी विचाराधीन न्यायालयीन प्रकरणों का शत-प्रतिशत समाधान निकालकर आदेश जारी किए जाएं.
बजट और निरीक्षण: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रत्येक कॉलेज को आबंटित बजट की सूची मांगी गई है. साथ ही, शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अतिथि व्याख्याताओं के कार्यों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण (Surprise Inspection) करने को कहा गया है.
नया शैक्षणिक कैलेंडर: सत्र को नियमित करने के लिए नया शैक्षणिक कैलेंडर तैयार करने का सुझाव दिया गया है. इसके तहत सीट वृद्धि के प्रस्तावों को जनवरी तक मंजूरी देने की योजना है.
बीएड और लॉ पाठ्यक्रमों पर ध्यान: चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम से जुड़ी एनसीटीई (NCTE) की शर्तों पर चर्चा के लिए अधिकारियों की एक टीम दिल्ली भेजी जाएगी. वहीं, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के तहत लॉ कॉलेजों में प्रति सेक्शन 60 छात्रों का अनुपात बनाए रखने की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं.
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