रायपुर. नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित 'नेशनल वाटर समिट' में छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण के क्षेत्र में देश स्तर पर इतिहास रच दिया है. सम्मेलन के समापन सत्र में देश के चार प्रमुख राज्यों को अपना जल मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जिसमें छत्तीसगढ़ का प्रस्तुतिकरण सर्वश्रेष्ठ चुना गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 'कैच द रेन' (जल संचय जन भागीदारी) विषय पर छत्तीसगढ़ के नवाचारों और जनभागीदारी का 30 मिनट का विस्तृत खाका रखा, जिसकी प्रधानमंत्री ने खुले मंच से सराहना की.
क्रिटिकल ब्लॉक्स की संख्या हुई शून्य
छत्तीसगढ़ के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि भूजल दोहन के आधार पर चिन्हित जल संकटग्रस्त (क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल) ब्लॉक्स में आई भारी कमी रही. प्रदेश में जल संकटग्रस्त ब्लॉक्स की संख्या 26 से घटकर 19 रह गई है, जबकि सभी 5 'क्रिटिकल' ब्लॉक्स को पूरी तरह से शून्य (ZERO) कर दिया गया है. यह उपलब्धि जल संसाधन विभाग की दूरदर्शी नीतियों और मैदानी समन्वय का परिणाम है.
आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की सफलता
कुल जल संरचनाएं: तीनों चरणों को मिलाकर अब तक राज्य में 28 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण और पंजीयन किया जा चुका है.
JSJB 1.0: 4.05 लाख से अधिक जल संरचनाओं के निर्माण के साथ राज्य देश में दूसरे स्थान पर रहा. बालोद, महासमुंद, बिलासपुर जिलों और रायपुर नगर निगम को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला.
JSJB 2.0: 24.07 लाख संरचनाओं के साथ देश में दूसरा स्थान मिला. देश के टॉप-10 जिलों में छत्तीसगढ़ के 5 जिले (सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा, कबीरधाम) शामिल रहे.
जारी अभियान: 'कैच द रेन' के वर्तमान चरण में 79,775 संरचनाओं के पंजीयन के साथ छत्तीसगढ़ फिलहाल देश में शीर्ष (नंबर-1) पर है.
कोरिया का 5% मॉडल: कोरिया जिले का '5 प्रतिशत मॉडल' राष्ट्रीय मिसाल बना, जिसके तहत किसान स्वेच्छा से अपनी जमीन का 5 फीसदी हिस्सा जल पुनर्भरण संरचनाओं के लिए दे रहे हैं.
सीएम साय ने राष्ट्रीय जल नीति के लिए दिए सुझाव
एक किसान परिवार से आने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय मंच से सुझाव दिया कि हर राज्य भौगोलिक स्थिति के हिसाब से अपना 'कैच द रेन प्लान' बनाए. उन्होंने बेहतर काम करने वाले राज्यों के लिए 'स्टेट वाटर अवॉर्ड्स' शुरू करने, BISAG-N से मैपिंग को मजबूत करने और हर तीन महीने में मुख्य सचिव स्तर पर समीक्षा करने का प्रस्ताव रखा.
समारोह में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी और जल संसाधन विभाग सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित केंद्र व विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और जल संसाधन मंत्री मौजूद रहे.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

