जबलपुर. अपहरण और हत्या के मामले में 16 साल की सजा काट रहा कैदी पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद तय समय पर वापस नहीं लौटा. नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल से 17 अगस्त को पैरोल पर छोड़े गए बंदी जाहिद उर्फ शाहिद (38) को 1 सितंबर को जेल लौटना था. उसके नहीं लौटने पर जेल कर्मचारियों ने तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला. इसके बाद जेल विभाग ने सिविल लाइन थाने में कैदी और उसके जमानतदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.
सिवनी निवासी जाहिद उर्फ शाहिद को 2 जून 2012 को कोर्ट ने अपहरण और हत्या के मामले में 16 साल की सजा सुनाई थी. उस पर 40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था. सजा के बाद से वह केंद्रीय जेल में बंद था. जेल विभाग के अनुसार जाहिद ने पैरोल के लिए आवेदन किया था. इसके बाद उसे 17 अगस्त 2026 को पैरोल पर रिहा किया गया. पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद उसे 1 सितंबर को वापस जेल में उपस्थित होना था, लेकिन वह नहीं पहुंचा. तय समय पर जाहिद के जेल नहीं लौटने पर कर्मचारियों ने उसकी तलाश शुरू की. टीम उसके घर भी पहुंची, लेकिन वहां वह नहीं मिला.
परिजनों से संपर्क करने के साथ स्थानीय पुलिस को भी सूचना दी गई. इसके बाद भी उसका पता नहीं चल सका. पैरोल पर रिहाई से पहले सिवनी के कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष गांधी वार्ड निवासी रियाजुद्दीन ने जाहिद की जमानत ली थी. पैरोल अवधि खत्म होने के बाद भी कैदी के जेल नहीं लौटने पर जेल विभाग ने जमानतदार की भूमिका को लेकर भी कार्रवाई की है. जेल विभाग की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने जाहिद और उसके जमानतदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस अब फरार कैदी की तलाश के साथ जमानतदार की भूमिका की भी जांच करेगी.
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