पन्ना में बारिश का कहर, किलकिला नदी उफनी, घरों की छतों पर फंसे 12 लोग, नाले में बहा 14 वर्षीय छात्र

पन्ना में बारिश का कहर, किलकिला नदी उफनी, घरों की छतों पर फंसे 12 लोग, नाले में बहा 14 वर्षीय छात्र

प्रेषित समय :20:18:40 PM / Thu, Sep 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पन्ना. जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. किलकिला नदी में अचानक पानी बढ़ने से पन्ना शहर के धाम मोहल्ले के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ खेतों और मकानों में पानी भर गया और देखते ही देखते पूरा इलाका जलमग्न हो गया. पानी का बहाव इतना तेज था कि कई परिवारों को अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर शरण लेनी पड़ी. इस दौरान 12 लोग रातभर छतों पर फंसे रहे, जिन्हें पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला.

बारिश के कारण किलकिला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और आसपास के निचले इलाकों में पानी तेजी से पहुंचने लगा. धाम मोहल्ले में हालात कुछ ही समय में गंभीर हो गए. घरों के आसपास पानी भरने के बाद लोगों के लिए सुरक्षित स्थान तक पहुंचना मुश्किल हो गया. कुशवाहा परिवार सहित कई लोग अपने घरों में फंस गए और पानी बढ़ता देख उन्हें छतों पर जाना पड़ा. रातभर उन्हें वहीं रहकर पानी का स्तर कम होने या राहत दल के पहुंचने का इंतजार करना पड़ा.

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव दलों को मौके पर भेजा. एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम भी मौके पर पहुंची और छतों पर फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया. हालांकि बचाव कार्य आसान नहीं था. नदी में पानी का बहाव बेहद तेज था और आसपास के खेतों में लगे कंटीले तारों के कारण नाव को आगे बढ़ाने में लगातार परेशानी आ रही थी. तेज धारा में नाव को नियंत्रित करना और प्रभावित मकानों तक पहुंचना बचाव दल के लिए बड़ी चुनौती बनी रही.

इसके बावजूद राहत दल ने सावधानी और जोखिम उठाते हुए अभियान जारी रखा. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एसडीआरएफ के जवानों ने प्रभावित इलाके में पहुंचकर एक-एक कर लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया. लंबे प्रयास के बाद छतों पर फंसे सभी 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. राहत दल की तत्परता के कारण किसी बड़ी जनहानि को टाला जा सका.

पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे सभी लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है. अब प्रशासन का ध्यान प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर है. प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों को नदी तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है.

स्थानीय निवासियों और वार्ड क्रमांक 9 के पार्षद प्रतिनिधि नीरज कुमार लोधी ने भी राहत और बचाव कार्य में जुटी पुलिस तथा एसडीआरएफ की टीम का आभार व्यक्त किया. स्थानीय लोगों के मुताबिक अचानक बढ़े पानी ने इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा कर दी थी. ऐसे समय में बचाव दल के तत्काल पहुंचने और लोगों को सुरक्षित निकालने से बड़ी दुर्घटना टल गई.

इधर जिले के देवेंद्रनगर थाना क्षेत्र में बारिश के बीच एक और दुखद हादसा सामने आया है. गढ़ीपड़रिया गांव में गुरुवार को 14 वर्षीय छात्र दिव्यांशु शुक्ला नाले के तेज बहाव में बह गया. घटना मंदिर घाट के पास हुई. बताया गया कि दिव्यांशु नाले के आसपास था, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और वह उसकी चपेट में आ गया. मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी की तेज धारा के कारण प्रयास सफल नहीं हो सके.

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल सक्रिय हुए. एसडीआरएफ की टीम दिव्यांशु की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चला रही है. तेज बहाव और लगातार बारिश के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयां सामने आ रही हैं. टीम नाले के आसपास संभावित स्थानों पर तलाश कर रही है.

एक ही दिन में सामने आए इन दोनों घटनाक्रमों ने जिले में भारी बारिश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी की जरूरत को फिर सामने ला दिया है. किलकिला नदी के बढ़े जलस्तर के कारण जहां धाम मोहल्ले में लोगों की जान संकट में आ गई, वहीं गढ़ीपड़रिया में नाले का तेज बहाव एक परिवार के लिए बेहद दुखद घटना लेकर आया. बारिश के मौसम में नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने का जोखिम लगातार बढ़ जाता है.

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि तेज बारिश के दौरान नदी, नाले और पुल-पुलियों के आसपास जाने से बचें. पानी का बहाव सामान्य दिखाई देने पर भी उसके भीतर उतरना या उसे पार करने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है. खासकर बच्चों और किशोरों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की जरूरत है.

पन्ना में लगातार बारिश के बीच प्रशासन के सामने अब प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ जलभराव वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है. किलकिला नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है. वहीं गढ़ीपड़रिया में 14 वर्षीय दिव्यांशु की तलाश में एसडीआरएफ की टीम जुटी हुई है. बारिश और तेज बहाव के बीच चल रहे इन बचाव प्रयासों पर स्थानीय लोगों की निगाहें टिकी हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-