रक्तदान की पहल ने जगाई उम्मीद, थैलेसीमिया और सिकलसेल मरीजों के लिए आगे आया सामाजिक सहयोग

रक्तदान की पहल ने जगाई उम्मीद, थैलेसीमिया और सिकलसेल मरीजों के लिए आगे आया सामाजिक सहयोग

प्रेषित समय :17:47:07 PM / Fri, Sep 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. गंभीर रक्त संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध कराना अक्सर जीवन और संकट के बीच निर्णायक अंतर बन जाता है. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए शहर में आयोजित रक्तदान शिविर ने सामाजिक भागीदारी की एक ऐसी तस्वीर सामने रखी, जिसमें किसी एक व्यक्ति के बजाय संस्थान से जुड़े कर्मचारियों ने सामूहिक जिम्मेदारी निभाते हुए रक्तदान किया.

थैलेसीमिया जनजागरण समिति, हेल्पिंग हैंड, वीणा गारमेंट और पुरुस्वानी परिवार के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस शिविर में प्रतिष्ठान के कर्मचारियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया. रक्त संग्रहण की जिम्मेदारी मेडिकल ब्लड बैंक की टीम ने संभाली. आयोजन का उद्देश्य केवल एक दिन रक्त एकत्र करना नहीं, बल्कि नियमित रक्तदान के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी रहा.

थैलेसीमिया और सिकलसेल जैसे रोगों से प्रभावित मरीजों को कई बार लंबे समय तक नियमित रक्त की आवश्यकता होती है. ऐसे में रक्तदाताओं की निरंतर उपलब्धता मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत बन सकती है. शिविर में शामिल कर्मचारियों ने इसी आवश्यकता को समझते हुए रक्तदान को सामाजिक दायित्व से जोड़कर देखा.

आयोजकों के अनुसार, रक्तदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ यह भी जरूरी है कि निजी प्रतिष्ठान, कारोबारी संस्थान और सामाजिक संगठन अपने स्तर पर ऐसी गतिविधियों में भागीदारी करें. इससे रक्त संग्रहण के प्रयासों को व्यापक आधार मिल सकता है.

इस पहल का महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थल को ही मानव सेवा की गतिविधि का माध्यम बनाया. आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए बड़े संसाधनों से अधिक जरूरी है समय पर आगे बढ़कर सहयोग करने की भावना. नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति मजबूत होने पर गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-